दौसा जिले में बीते दो दिन से मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। इससे ठंड का असर बढ गया है। यहां रविवार रात से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। जिसके चलते दिन में धूप की लुकाछिपी और सर्द हवाओं से ठिठुरन बनी हुई है। वहीं सुबह के वक्त कोहरा भी छाने लगा है, जिससे विजिबिलिट कम बनी हुई है और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है। सर्दी का असर बढने के साथ ही तापमान में भी गिरावट का दौर जारी है। यहां मंगलवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा था, जबकि बुधवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, साथ ही अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुसान है। ऐसे में 24 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट से सर्दी जोर पकडने लगी है। पशुपालकों को सलाह- शीत लहर से पशुओं को बचाएं
वहीं पशुपालन विभाग ने सर्दी के मौसम में शीतलहर के प्रकोप के चलते पशुओं की बचाने की एडवाइजारी जारी की है। जिसमें कहा है कि ठंड बढ़ने के साथ कुछ जगहों पर शीतलहर की शुरुआत हो चुकी है। इतने कम तापमान से न केवल इंसान बल्कि पशु पक्षी भी प्रभावित होते हैं। खासकर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर ठंड का बहुत असर पड़ता है। पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं को ठंड से बचाएं, रात के समय पशुओं को खुले में न बांधें। उन्हें कंबल या जूट के बोरों से ढंककर रखें। दिन में संभव हो तो उन्हें धूप में रखें। उनके खुराक में सूखा चारा, मोटा अनाज, सरसों की खल आदि की अधिकता होनी चाहिए। पशुओं को सप्ताह में दो बार गुड़ जरूर खिलाना चाहिए। समय-समय पर डिसइनफेक्टेंट का छिड़काव करके उन्हें विसंक्रमित भी करना चाहिए।


