अमृतसर| दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से दुर्ग्याणा मंदिर वेद कथा भवन में आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया। जहां साध्वी रजनी भारती ने भक्तों को ज्ञानामृत प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज के इस वैज्ञानिक युग में, जहां हर बात को तर्क, लॉजिक और विज्ञान की कसौटी पर परखा जाता है। वहीं यह जानना आवश्यक है कि केवल भौतिक इंद्रियों के माध्यम से सत्य को पूर्ण रूप से नहीं समझा जा सकता। उन्होंने समझाया कि जैसे आंखें अक्सर मृगतृष्णा, आकाश के नीले रंग या सूर्य के गतिशील दिखने जैसे भ्रम उत्पन्न कर देती हैं, वैसे ही आत्मिक तत्वों को भी इंद्रियों के माध्यम से पहचानना असंभव है। परमात्मा की सच्ची पहचान केवल दिव्य दृष्टि द्वारा ही हो सकती है, जो एक जागरूक गुरु की कृपा से ही प्राप्त होती है।


