उज्जैन में राजस्व के लंबित मामलों के निराकरण के लिए राजस्व महा अभियान के तहत लंबित नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, और सीमांकन के मामलों का निराकरण करने का लक्ष्य रखा था। जिसको पूरा कर उज्जैन जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। यह अभियान प्रदेश भर में 26 जनवरी तक चलेगा। लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण, नए राजस्व प्रकरणों को आरसीएमएस पर दर्ज कराना, पीएम किसान का सेचुरेशन एवं समग्र का आधार से ई-केवाईसी और खसरे की समग्र आधार से लिंकिंग सहित आमजन की राजस्व से संबंधित समस्याओं का निराकरण लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण, उत्तराधिकार नामांकन, सीमांकन किया जाना शामिल था। मंगलवार को मिले डेटा के अनुसार उज्जैन जिला राजस्व के लंबित प्रकरण निपटाने में प्रथम रहा है। उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया- राजस्व महा अभियान 26 जनवरी तक चलेगा अभी जो डेटा मिला है उसमे उज्जैन प्रथम स्थान पर है। नक्शे के बटांकन सहित अन्य कार्य और स्वामित्व योजना से पूरे जिले में 2200 करोड़ रुपए से ऐसे लोगों को हक के तौर पर मिली है जहां पहले से निवास कर रहे थे। इसके अलावा महाअभियान के दौरान की जाने वाली गतिविधियों की जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की गई जिसके चलते उज्जैन प्रथम आने में सफल रहा है।


