अमेरिकी सांसद ने सिख पाठी को बताया मुस्लिम:मैरी मिलर ने आलोचना के बाद हटाई पोस्ट; CAPAC अध्यक्ष बोली- दोनों अलग-अलग धर्म

अमेरिका की रिपब्लिकन सांसद मैरी मिलर ने कांग्रेस में प्रार्थना सत्र का नेतृत्व कर रहे सिख पाठी को “मुस्लिम” कहकर निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल उन्होंने धार्मिक भेदभावपूर्ण टिप्पणी की। जिसे बाद में सोशल मीडिया उनका विरोध शुरू हुआ और उन्हें पोस्ट को हटाना पड़ा है। शुक्रवार को मैरी मिलर ने सोशल मीडिया X पर लिखा: “यह बेहद चिंताजनक है कि आज सुबह प्रतिनिधि सभा में एक मुस्लिम को प्रार्थना करने की अनुमति दी गई। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। अमेरिका एक ईसाई राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ था और मुझे लगता है कि हमारी सरकार को इसी सच्चाई को दर्शाना चाहिए। भगवान दया करें!” लेकिन जिस व्यक्ति की वे आलोचना कर रही थीं, वह मुस्लिम नहीं बल्कि एक सिख पाठी ज्ञानी सुरिंदर सिंह थे, जो उस दिन गेस्ट चैपलिन के रूप में आमंत्रित किए गए थे। उन्हें न्यू जर्सी से रिपब्लिकन सांसद जेफ वैन ड्रू ने इनवाइट किया था। D-Day की 81वीं वर्षगांठ ने कहा: “ज्ञानी सिंह शब्दों से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार से शांति, विनम्रता और सभी के प्रति सेवा की भावना से नेतृत्व करते हैं। ये सिर्फ सिख मूल्यों की बात नहीं, बल्कि अमेरिकी मूल्यों की भी बात है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सिंह की मौजूदगी D-Day की 81वीं वर्षगांठ पर हुई, जब सिख सैनिकों ने नॉर्मडी के तट पर मित्र देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध लड़ा था। पोस्ट को पहले एडिट किया, फिर डिलीट मिलर ने जब देखा कि उनका विरोध हो रहा है तो उन्होंने पहले अपनी पोस्ट को एडिट किया और बाद में डिलीट कर दिया। पहली पोस्ट में उन्होंने “मुस्लिम” शब्द का प्रयोग किया। बाद में उसी पोस्ट को एडिट कर मुस्लिम काट “सिख” से बदल दिया। लेकिन बाकी विवादित पोस्ट जस की तस रहने दी। अंत में उन्होंने पूरी पोस्ट डिलीट कर दी। विरोधियों के निशाने पर मिलर डेमोक्रेट सांसद बॉनी वॉटसन कोलमैन ने मिलर की भाषा पर पलटवार करते हुए लिखा, “यह चिंताजनक है कि धार्मिक स्वतंत्रता के प्रति इतनी घृणा रखने वाली कोई व्यक्ति इस संस्था में सेवाएं दे रही है। यह कभी नहीं होना चाहिए था।” न्यूयॉर्क की सांसद ग्रेस मेंग ने लिखा, “जो वास्तव में परेशान करने वाली बात है, वह है मेरी सहयोगी की अज्ञानता और सिखों व मुसलमानों के प्रति जेनोफोबिक सोच। कांग्रेस में इस तरह की नफरत और असहिष्णुता की कोई जगह नहीं है।” कांग्रेसनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस (CAPAC) जिसकी अध्यक्ष ग्रेस मेंग​​​​​​​ हैं, ने भी इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा: “सिख और मुस्लिम दो अलग-अलग धर्म हैं। किसी की शक्ल देखकर उन्हें एक धर्म से जोड़ना केवल अज्ञानता नहीं, बल्कि नस्लवाद है। अमेरिका धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांत पर बना है। यह शर्मनाक है कि ऐसे विचार रखने वाला कोई व्यक्ति कांग्रेस का हिस्सा है।”

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