पश्चिम बंगाल, दुकान खोलने को लेकर दो समुदाय भिड़े:5 लोग घायल, 4 उपद्रवी गिरफ्तार; दक्षिण 24 परगना में धारा 163 लगाई गई

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के रवींद्रनगर इलाके में बुधवार को दुकान खोलने को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस थाने के बाहर पथराव किया, टायर जलाए और एक बाइक को आग के हवाले कर दिया। अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई और गाड़ियों को आग के हवाले किया गया। घटना में 5 लोग घायल हो गए। वहीं, 1 महिला पुलिसकर्मी सहित कई पुलिसवाले भी घायल हुए हैं। स्थिति संभालने के लिए कोलकाता पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत मंगलवार को महेशतला इलाके में मंदिर के पास एक दुकान लगाने को लेकर हुए विवाद से हुई थी, जो बुधवार को बेकाबू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लगाई गई है। इधर, भाजपा का आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने जानबूझकर लापरवाही बरती और उपद्रवियों को संगठित होने का मौका दिया। पार्टी ने केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा स्थानीय विवाद को सांप्रदायिक रंग दे रही है। हिंसा की 5 तस्वीरें देखें… शुभेंदु ने इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग की इस घटना पर सियासत भी गरमा गई है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय के बाहर धरना दिया और केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की। उन्होंने राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस से रवींद्रनगर थाने के इंस्पेक्टर मुकुल मिया को निलंबित कर उनकी भूमिका की जांच करने की मांग भी की है। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि शिव मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई। मुकुल मिया ने हिंसा के दौरान जानबूझकर लापरवाही बरती और उपद्रवियों को संगठित होने का मौका दिया। साथ ही उनके राजनीतिक जुड़ाव की भी बात कही। उन्होंने कहा कि मुकुल ने हिंदू पक्ष को प्रताड़ित किया है। भाजपा बोली- पुलिस ने हमलावरों की जगह पीड़ितों पर कार्रवाई की बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और पुलिस ने हमलावरों के बजाय पीड़ितों पर कार्रवाई की। दोनों नेताओं ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से हस्तक्षेप की मांग की है। तृणमूल बोली- भाजपा स्थानीय विवाद को सांप्रदायिक रंग दे रही तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक स्थानीय विवाद था, जिसे भाजपा सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने हिंसा की निंदा की और घायल पुलिसकर्मियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 11-12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़की थी पश्चिम बंगाल में 11-12 अप्रैल को नए वक्फ बोर्ड कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई थी। इसके बाद मुर्शिदाबाद में हिंसा हुई। इसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। —————————- बंगाल में हिंसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मुर्शिदाबाद में TMC नेता ने कराई हिंसा:113 घरों को नुकसान, दुकानें जलाईं; हाईकोर्ट कमेटी ने पुलिस पर सवाल उठाए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अप्रैल में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट की तरफ से गठित जांच समिति ने गंभीर खुलासे किए हैं। इसमें कहा गया है कि हिंसा में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता की भूमिका थी। हमलों का नेतृत्व स्थानीय पार्षद महबूब आलम ने किया। पूरी खबर पढ़ें…

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