रजिस्टार कार्यालय ने इंटक का तृतीय विधान संशोधन किया निरस्त पीके राय ने खत्म किया गोपाल नारायण सिंह का खेल

रजिस्टार कार्यालय ने इंटक का तृतीय विधान संशोधन किया निरस्त
पीके राय ने खत्म किया गोपाल नारायण सिंह का खेल
अनूपपुर।
गोपाल नारायण सिंह के षड्यंत्र का शिकार होकर पीके राय अपने ही संगठन में बेगाने हो गए थे। गोपाल नारायण सिंह के साथ में शामिल लोग कंपनी की सुख सुविधाओं का आनंद उठा रहे थे और पीके राय वर्ष 2016 से अदालतों के चक्कर काट रहे थे। दिसंबर माह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गोपाल नारायण सिंह की रिट अपील को सुनने योग्य नहीं बता कर डिसमिस कर दिया था और जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल के द्वारा पीके राय के पक्ष में दिए गए फैसले को सर्वमान्य बताया था। हाई कोर्ट से जीत मिलने के बाद पीके राय ने कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ को हाई कोर्ट की फैसले की कॉपी देकर अग्रिम कार्यवाही करने की मांग को थी। बीते 17 दिसंबर को कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ के द्वारा इंटक के अध्यक्ष महामंत्री को पत्र लिखकर सूचित कर दिया कि पीके राय के द्वारा प्रस्तुत पत्र क्रमांक 27 दिनांक 5 दिसंबर 2024 के साथ संलग्न माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर याचिका क्रमांक डब्लू ए 612/2022 के डबल बेंच में पारित आदेश दिनांक 29 नवंबर 2024 के परिपालन में साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस पंजीयन क्रमांक 4139 का इस कार्यालय द्वारा अनुमोदित तृतीय विधान संशोधन दिनांक 21 मार्च 2016 को निरस्त किया जाता है। इस पत्र का पीके राय के समर्थक बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यह पत्र गोपाल नारायण सिंह और उनके समर्थकों के होश उड़ाने के लिए काफी रहा। इस पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोहागपुर क्षेत्र में पीके राय के समर्थकों में एक चर्चा होने लगी लोग कहने लगे को पीके राय ने गोपाल नारायण सिंह का खेल पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब इंटक भीतरघात करने वालों से मुक्त हुई। इंटक के वरिष्ठ नेता संपत शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय विधान संशोधन निरस्त होते ही गोपाल नारायण सिंह का खेल खत्म हो गया उसके द्वारा की गई सभी नियुक्तियां अपने आप ही शून्य हो गई। आने वाले दिनों में इंटक में चंदे का दुरुपयोग करने वालों की जांच शुरू होगी तब सारी सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी। सोहागपुर क्षेत्र में एक चर्चा अब हर तरफ होने लगी है कि इंटक का सोहागपुर क्षेत्र में अब अगला अध्यक्ष महामंत्री कौन होगा क्योंकि अभी तक तो गोपाल नारायण सिंह गुट से कमलेश शर्मा अध्यक्ष एवं अमरजीत सिंह महामंत्री थे। क्षेत्र में पीके राय के समर्थकों से विजय मौर्य के अध्यक्ष एवं रामेश्वर गौतम के महामंत्री बनने की चर्चा पहले भी कई बार हो चुकी थी इस बार शायद विजय मौर्य और रामेश्वर गौतम के अध्यक्ष महामंत्री बनने का वर्षों पुराना सपना पूरा हो जाए। नवभारत के आगामी अंकों में पढ़िए चंद्रेश मिश्रा की कलम से सोहागपुर क्षेत्र में इंटक में कैसा माहौल बन रहा है। प्रबंधन अब रजिस्टार कार्यालय के पत्र जारी होने के बाद किसे बैठक में बुलाएगा यह बात आने वाली बैठकों में साफ हो जाएगी।

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