पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र स्थित पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक में कोयला खनन और ट्रांसपोर्टेशन काम ठप हो गया है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने जमीन के पूर्ण मुआवजा भुगतान, खनन के बाद समतलीकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शनिवार को ग्रामीण डुगडुगी बजाते हुए खनन स्थल पहुंचे और सभी गतिविधियां रोक दीं। आज भी प्रदर्शन जारी है। ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग प्रदर्शन की सूचना मिलते ही डब्लूपीडीसीएल, बीजीआर और डीबीएल कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे। विरोध के कारण कोयला ढुलाई के लिए पहुंचे सैकड़ों वाहन सड़क पर खड़े हो गए हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण इंद्रियस मुर्मू और सुरेश टुडू ने कहा कि वे काफी समय से कंपनी प्रबंधन से अपनी मांगों को लेकर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बाद उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला और जिन लोगों को भुगतान मिला भी है, उन्हें जमीन समतलीकरण और आजीविका के विकल्प जैसी सुविधाएं नहीं दी गईं। दुमका के चांदनी चौक में भी प्रदर्शन इधर, दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र स्थित चांदनी चौक के पास भी पचुवाड़ा कोयला खान परिवहन प्रभावित संघ के बैनर तले ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं। वे भी अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सोमवार दोपहर को वार्ता की पहल की है। उम्मीद जताई जा रही है कि बैठक में कोई समाधान निकल सकता है। ग्रामीणों को दी गई है जानकारी बीजीआर कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी संजय बेसरा ने बताया कि कंपनी ने नियमों के अनुरूप मुआवजा भुगतान किया है और अन्य सामाजिक दायित्वों का भी पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इस संबंध में कई बार जानकारी दी गई है। फिर भी यदि कोई समस्या है तो समाधान के लिए बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है।


