रांची यूनिवर्सिटी में कानून के सिलेबस में बड़ा बदलाव इसी सेशन से होने जा रहा है। अब 3 वर्षीय एलएलबी सेशन 2025-26 में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) से पढ़ाई होगी। इस सिस्टम के लागू होने के बाद छात्रों को अंक की जगह सीजीपीए (कमुलैटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) दिए जाएंगे। सोमवार को वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई, जिसमें प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। तीन वर्षीय एलएलबी में के सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर लॉ, इनसॉल्वेंसी और बैंकक्रप्सी शामिल किया गया है। वहीं 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी में 6 इंटरर्नशिप करना अनिवार्य होगा। सेमेस्टर-4 से सेमेस्टर-10 के बीच छात्रों को इंटरर्नशिप पूरा करना होगा। इसमें 5 इंटर्नशिप कानून से संबंधित होगा, जबकि एक इंटर्नशिप प्रबंधन से होगा। आरयू में बीपीएड, एमपीएड, बीपीईएस की पढ़ाई होनी है, जिसके सिलेबस और संचालन रेगुलेशन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इसके अलावा फिजियोथेरेपी कोर्स की पढ़ाई इसी सेशन से की जानी है, जिसके सिलेबस को एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान कर दी। बैठक में वीसी के अलावा सभी डीन, एचओडी, रजिस्ट्रार डॉ. जीसी साहू, डीआर डॉ. प्रीतम समेत अन्य थे। झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट एंड डिजाइन द्वारा रांची विवि को 4 वर्षीय टेक्सटाइल कोर्स की पढ़ाई शुरू करने के प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने चर्चा के बाद स्वीकृति प्रदान कर दी।। इसके अलावा क्राफ्ट कल्चर, कम्युनिकेशन एंड परफार्मिंग आर्ट और क्राफ्ट मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने और इसका सिलेबस व संचालन रेगुलेशन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। यूजी में भारतीय ज्ञान परंपरा की पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्नातक स्तर पर पढ़ाई हो रही है। इसी शैक्षणिक सत्र से सिलेबस में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल करने पर सहमति प्रदान कर दी गई। भारतीय ज्ञान परंपरा की पढ़ाई 9 क्रेडिट की होगी, जिसके सिलेबस को सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान कर दी। जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग (टीआरएल) के स्ट्रीम में एक बार फिर बदलाव किया गया है। अब टीआरएल ह्यूमिनिटी स्ट्रीम के अंतर्गत पहले की तरह आ गया है। 14 जून को प्रकाशित खबर


