इस बार ‘आम’ आम लोगों के पहुंच में है। शहर में हर ओर आम ही आम नजर आ रहे हैं। लोकल आम के साथ बाहर से आने वाले आम भी खूब आ रहे हैं। हरमू और चुटिया फल मंडी में महीने भर में 1500 पिकअप (छोटा ट्रक) आम पहुंच रहा है। यहां बिहार, ओडिशा, बंगाल, महाराष्ट्र, यूपी व झारखंड के विभिन्न भागों से 20 से अधिक किस्म के आम पहुंच रहे हैं। दो आम यूपी का मशहूर मलीहाबादी दशहरी व बनारस का लंगड़ा 25 जून तक रांची के बाजार में पहुंचेंगे। वैसे दशहरी यूपी के अन्य भागों से आ रहा है। हरमू फल मंडी के थोक व्यापारी अरशद जुबैर ने बताया कि 5 सालों से रांची के आसपास मैक्लुस्कीगंज, खलारी, तोरपा, तपकरा, शतरंजी में भी आम के बाग तैयार किए गए हैं। यहां मल्लिका, आम्रपाली, लंगड़ा किस्म के आम तैयार हो रहे हैं। इनका स्वाद भी बहुत अच्छा है। इसकी भी बहुत बिक्री है। उन्होंने बताया कि एक दिन में रांची के बाजार में 65 पिकअप आम पहुंच रहे हैं। एक पिकअप में 108 आम के ट्रे होते हैं। झारखंड में आम की पैदावार होने से बाहर से आने वाले आम की दर गिरी हैं। इस बार बिहार के जर्दालु व बंबइया बहुत कम आए हैं। मांग है, पर आम कम मिल रहे हैं। वहीं चुटिया, मेन रोड स्थित डेली मार्केट, हरमू बाजर, डोरंडा, कडरू, कचहरी बाजार में आम की बड़ी खुदरा दुकानें मौजूद हैं। शहर में ~20 से 100 में आम आम जगह खुदरा थोक पेटी लंगड़ा भागलपुर 60-80 50 600-900 लंगड़ा ओडिशा 70-80 60 700-1000 आम्रपाली ओडिशा 60 30-50 400-700 आम्रपाली झारखंड 50 25-40 350-700 हेमसागर बंगाल 50 40 600 लखना बंगाल 20 30 450 दशहरी ओडिशा 40 50 600 लंगड़ा झारखंड 50 25-40 650 बैंगनपल्ली आंध्र प्रदेश 50 40 700 मल्लिका झारखंड 50 25 500 चौसा लोकल 40 25 400 बीजू लोकल 20 10-15 350 जर्दालु भागलपुर 100 80 800-900 बंबइया बिहार 40-50 30 600-700 बड़ी दुकानों में मिल रहे हैं महंगे आम शहर में आम व फलों की कई बड़ी दुकानें हैं, जहां बाजार से महंगे आम मिल रहे हैं। मोदी फ्रूट्स में आम के खुदरा दर भागलपुरी लंगड़ा 100 रु, यूपी दशहरी 100 रु, भागलपुर जर्दालु 120 रु, भागलपुरी दुधिया मालदा 120 रु, बंगाल हेमसागर 60 रु, ओडिशा लंगड़ा 80 रु, लोकल बिजू 20-30 रु, महाराष्ट्र अल्फांसो प्रति दर्जन 1200 में बिक रहे हैं। आम्रपाली मार्च में 350 रुपए किलो बिके थे आम रेडियम रोड स्थित मैंगो सेंटर के संचालक रोहित मोदी ने बताया कि मार्च माह में सबसे पहले बेंगलुरू का ललमुनिया आम आया था जो 350 रुपए किलो बिका। महाराष्ट्र का अल्फांसो 1000 रुपए में 6 पीस, आंध्रा का गुलाब खास, तोतापरी व बैंगनपल्ली 100 रुपए बिका। अगले माह चौसा, आम्रपाली आएंगे। गुजरात का केसर आम की भी खूब मांग है। लंगड़ा बगैर आम के रात का खाना पूरा नहीं होता… आम की खरीदारी कर रहीं होममेकर इरा ने बताया कि बगैर आम के रात का खाना पूरा ही नहीं होता। बच्चे तो दिन और रात दोनों समय आम खा रहे हैं। चूंकि आम में खूब विटामिन व मिनरल्स होते हैं, इसलिए मैं उन्हें खूब खाने देती हूं। कई साल के बाद लोकल बीजू आम खूब आया है, जो अन्य आमों से ज्यादा फायदेमंद होते हैं, इसलिए उसे जरूर खरीदती दूं। बीजू आम को पानी में फूलने दे देती हूं, फिर सब बैठकर एक साथ चूसते हैं। पिछले साल इतने महंगे आम थे कि कम ही खरीदे थे। मूल्य रु प्रति किलो में एक दिन में 65 पिकअप ट्रक आ रहा, एक में 108 ट्रे व एक ट्रे में 22-23 केजी आम होते हैं रांची, मैक्लुस्कीगंज, खलारी, तोरपा, तपकरा, शतरंजी में आम्रपाली व मल्लिका खूब उपज रहे 25 तक पहुंचेगा मलीहाबाद का दशहरी व बनारसी लंगड़ा; अगले माह आएगा चौसा रांची, मंगलवार 17 जून, 2025|04 (इसके अलावा बंगाल का मालदा, लोकल मिठुआ, कलमी जैसे कई देसी आम भी मिल रहे हैं। बीजू आम आसपास के जंगलों से आ रहे हैं) हटिया स्टेशन-सोलंकी चौक के बीच बीजू आम बेचतीं महिलाएं।


