रायगढ़ जिले के लिबरा में ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर नाकेबंदी कर रहे थे। रात में उनका आंदोलन खत्म हो गया। लेकिन आज 4 नामजद समेत कई लोगों के खिलाफ प्लांट अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। यह मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को धौराभांठा, आमगांव, खुरूसलेंगा सहित अन्य गांवों के लोग अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएचपी चौक लिबरा में आर्थिक नाकेबंदी कर रहे थे। ये थी मांगें महाप्रबंधक ने दर्ज कराई शिकायत जेपीएल कंपनी के भू-अर्जन विभाग के महाप्रबंधक रितेश गौतम ने तमनार थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि, सुबह 11 बजे वे हुंकराडीपा-धौराभांठा मुख्य मार्ग से टपरंगा स्थित वीटीसी कार्यालय जा रहे थे। सीएचपी चौक लिबरा में राजेश मरकाम, कन्हाई पटेल, अजबंर सिदार, शांति यादव और अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर अभद्र व्यवहार किया। जान से मारने की धमकी दी। झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई प्रदर्शनकारी राजेश मरकाम का कहना है कि, उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है। जिस समय की घटना बताई गई है, उस समय वे लोग वहां मौजूद नहीं थे। उनका आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। समझाइश के बाद आंदोलन समाप्त इस मामले में तमनार थाना प्रभारी आर्शीवाद राहटगांवकर ने बताया कि, रात में ग्रामीणों को समझाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। फैक्ट्री अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।


