चर्चा . एसपी की अध्यक्षता में हुई अपराध गोष्ठी, एनडीपीएस मामलों के आरोपियों के विरुद्ध निगरानी का प्रस्ताव

भास्कर न्यूज | सरायकेला पुलिस मुख्यालय के सभागार में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत की अध्यक्षता में बुधवार को अपराध गोष्ठी हुई जिसमें लंबित मामलों का उद्भेदन के साथ-साथ जिले को क्राइम मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल किया गया। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला समीर कुमार सवैया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चांडिल,सभी थाना प्रभारी, अंचल निरीक्षक एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। अपराध गोष्ठी में मई माह में हुए अपराध की विस्तृत समीक्षा करते हुए उद्भेदन के लिए दिशा निर्देश दिया गया। मई माह में निष्पादित मामलो, यूडी कांडों की थानावार समीक्षा करते हुए जून माह में अधिकाधिक निष्पादन करने के लिए निर्देशित किया गया । साथ ही मई माह में 3 या 3 अधिक मामलो का निष्पादन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं को एक- एक सुसेवांक से पुरस्कृत किया गया। जनवरी माह से मई माह तक जिला के विभिन्न थानों में दर्ज सम्पत्ति मूलक मामलों की समीक्षा हुई ।समीक्षा के क्रम में लंबित मामलों का उद्भेदन करने का निर्देश दिया गया है। जिला अंतर्गत अपराध नियंत्रण,सुगम यातायात व्यवस्था के संचालन एवं पुलिस की दृश्यता बढ़ाने के लिए संचालित प्रहरी पहल की समीक्षा करते हुए उसे और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया। ⁠आगामी रथ यात्रा पर्व के दौरान सभी थाना प्रभारियों को विधि व्यवस्था संधारण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया । मादक और नशीले पदार्थ ब्राउन शुगर के कारोबार पर अभियान तेज करने का निर्देश : मादक और नशीले पदार्थों ,ब्राउन शुगर की बिक्री के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान को तेज करते हुए एनडीपीएस एक्ट से संबंधित कांडों के आदतन अपराधियों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस व निगरानी प्रस्ताव खोलने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही अवैध शराब के विरूद्ध लगातार प्रभावी छापामारी अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया । सभी थाना प्रभारियों को दुष्कर्म,पोक्सो एक्ट से संबंधित कांडों को 60 दिन के अन्दर निष्पादित करना सुनिश्चित करने का निर्देशित किया गया । थाना में चिन्हित अपराध कर्मियों के विरुद्ध सीसीए ,निगरानी व बेल कैंसिलेशन का प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम डायल 112 के तहत प्राप्त शिकायतों को 15 मिनट के अंदर रेस्पॉन्स करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने थाना क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी का अधिष्ठापन के लिए जागरूक करने के लिए निर्देशित किया गया। अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रतिवेदित कांडों के निष्पादन के लिए संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिशा निर्देश दिया गया। साइबर कांडों के संबंध में समीक्षा की गई एवं रोकथाम तथा कांड निष्पादन के संबंध में दिशा निर्देश दिया गया।

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