योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है

भास्कर न्यूज|गढ़वा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत साप्ताहिक संवाद “कॉफ़ी विद एसडीएम” में जिले के योग प्रशिक्षकों और योग प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सबसे प्रमुख भूमिका पतंजलि योग समिति की रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा ने की। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न योग प्रशिक्षकों ने अपने-अपने सुझाव दिए। कॉफी विद एसडीएम साप्ताहिक संवाद श्रृंखला के क्रम में आज के इस विशेष कार्यक्रम का मूल उद्देश्य जिला प्रशासन और योग क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। इस अवसर पर संजय कुमार ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। योग प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और योग के प्रचार-प्रसार में आने वाली चुनौतियों तथा सुझावों को प्रशासन के समक्ष रखा। एसडीएम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। पतंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी रास बिहारी तिवारी ने योग के प्रति समर्पित संवाद आयोजित करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी का धन्यवाद किया, साथ ही उन्होंने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि गढ़वा में योग के 1000 प्रशिक्षित प्रशिक्षक हैं किंतु वे किन परिसरों में योग करवायें इसकी समस्या बनी रहती है। यदि प्रशासनिक स्तर से कुछ सरकारी भवनों को चिन्हित कर दिया जाए तो वे वहां पर खाली टाइम में योग करवा सकते हैं। इस पर संजय कुमार ने कहा कि वे शहरी क्षेत्र के वार्ड विकास केंद्रों या सामुदायिक भवनों में सुबह-शाम योग करवाने के लिए नगर परिषद प्रशासन से बात करेंगे। संवाद कार्यक्रम में पहुंचे 40 से अधिक योग प्रशिक्षकों ने कहा कि सभी योग कक्षाएं निशुल्क हैं, इसके प्रशिक्षक स्वैच्छिक रूप से जुड़े हुए हैं, उनका उद्देश्य लोगों को आरोग्य प्रदान करना है। संतोष चौबे ने कहा कि आज योग प्रशिक्षकों का जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय है, यही कारण है कि गढ़वा के सभी प्रखंडों में योग कक्षाएं चल रही हैं। तथापि उनको प्रशासनिक स्तर से या फिर प्रशासन की पहल पर निजी कंपनियों के स्तर से कुछ सामग्रियों की अपेक्षा है जैसे योग करने के लिए मैट, माइक, साउंड सिस्टम, दरी आदि। यदि प्रशासनिक पदाधिकारी इस ओर थोड़ा भी सोच लेंगे तो उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी यह छोटी-मोटी ज़रूरतें तुरंत पूरी हो जाएंगी। भारतीय जीवन बीमा में कार्यरत योग शिक्षक सूर्य देव दुबे ने बताया कि वे हंस कर लोगों का स्वास्थ्य वर्धन करते हैं, उन्होंने कहा कि यह जिंदगी हंसने हंसाने के लिए है, उन्होंने हंसने को भी योग का एक हिस्सा बताया। मौके पर उपरोक्त वक्ताओं के अलावा जिन लोगों ने अपने विचार और सुझाव रखे। उनमें शिवकुमार साव, सुनीता द्विवेदी, बिमला देवी, चंपा तिवारी, पूजा ओझा, प्रियंका द्विवेदी, किरण तिवारी, सुचिता देवी, उपकार कुमार, सोनी चौबे, चंचला सिंह, ऋषि ठाकुर, गुप्तेश्वर मिश्र, आनंद कुमार, शैलेश कुमार शुक्ला, पंकज शुक्ला, राम प्रसाद गुप्ता, शोभा देवी, संतोष गुप्ता, छोटन कुमार, अंबिका प्रसाद आदि के नाम शामिल है। कोविड के बाद योग के प्रचार-प्रसार में आई है कमी: योग प्रशिक्षक सुशील केसरी ने बताया कि गढ़वा आज पूरी तरह से योगमय है किंतु कोविड के पहले यहां पर और भी अच्छा माहौल था। किंतु इस महामारी के बाद यहां पर योग को लेकर कक्षाओं में भाग लेने वालों की संख्या कुछ घटी है। उन्होंने प्रचार प्रसार हेतु प्रशासनिक सहयोग की अपेक्षा की।

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