लंबे समय से घाटे में चल रही एचईसी के रिवाइवल की उम्मीद जग रही है। क्योंकि 20 जून को एचईसी के मामले में संसदीय कार्यसमिति की बैठक नईदिल्ली में होने जा रही है। इसमें एचईसी के रिवाइवल पर चर्चा होगी और कुछ निर्णय आने की पूरी संभावना बताई जा रही है। इस बैठक में एचईसी के सीएमडी शामिल होंगे। डायरेक्टर्स भी दिल्ली जा रहे हैं। प्रबंधन सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कैबिनेट मंत्री समेत कई सांसद भी शामिल रहेंगे। बैठक में झारखंड सरकार को भी आमंत्रित किया गया है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में एचईसी को जमीन बेच कर कर्ज चुकाने और कार्यशील पूंजी जुटाने के लिए निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही कर्मचारियों के लंबित वेतन सहित अन्य एमेनिटीज पर भी बातें हो सकती हैं। एचईसी के सर्वाइव होने के दिख रहे संकेत प्रबंधन की कोशिश दिख रही है, लगातार बैठकें कर योजनाएं बनाई जा रही हैं। कर्मियों को अप्रैल और मई में 4 महीने का वेतन मिला है, इनका करीब 25 माह का वेतन बकाया है। करीब डेढ़ साल बाद एचईसी के तीनों प्लांट में तेजी से काम चल रहा है। कर्मियों के लिए सीपीएफ लोन चालू किए जाने की भी चर्चा है। वेलनेस सेंटर के लिए दवाइयां खरीदी जा रही हैं। लीव एनकैशमेंट पर भी प्रबंधन विचार कर रहा है। कामगारों में दिख रही उम्मीद: एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रामाशंकर प्रसाद ने कहा कि एचईसी में पहले जैसी रंगत आने की शुरुआत हो चुकी है। प्रबंधन प्रतिदिन बैठकें कर कर्मचारियों की सुविधाओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है। कामगारों को लगातार वेतन मिलने से उनमें उम्मीद दिख रही है। इन्होंने कहा कि संसदीय कार्यसमिति की बैठक में एचईसी के मर्जर पर भी चर्चा होने की संभावना है। एचईसी को भेल और एनसीएल से वर्कऑर्डर मिलने की संभावना हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि एचईसी को भेल और एनसीएल से बड़े वर्कऑर्डर मिलने की संभावना है। इनमें से ज्यादातर माइनिंग का मिलेगा। अभी एचईसी के पास 800 करोड़ रुपए का वर्कऑर्डर है। काम तेजी से चल रहा है। एनसीएल (नॉर्थ कोल इंडिया लिमिटेड) डिफेंस का आकांक्षा प्रोजेक्ट, पावर ग्रिड, कोल इंडिया आदि के वर्कऑर्डर हैं।


