भास्कर न्यूज | डौंडी बुधवार को जनपद पंचायत डौंडी की साधारण सभा की बैठक जनपद सभा कक्ष में हुई। अध्यक्षता मुकेश कौडों ने की। बैठक में डौंडी ब्लॉक के गांवों में निजी उपयोग के लिए रेत खनन में वन विभाग की दखल का मुद्दा छाया रहा। जनपद उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम, सदस्य पुनीत राम सेन और तुलेश्वर हिचामी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित ग्रामीण अपने घर बना रहे हैं। सरकारी भवनों का भी निर्माण हो रहा है। इसके लिए ग्रामीण आसपास के नदी-नालों से रेत निकाल रहे हैं। इस पर वन विभाग का हस्तक्षेप पेसा कानून और ग्राम सभा के अधिकारों का उल्लंघन है। सदस्यों ने बताया कि ग्राम सभा ने रेत खनन की सहमति दी है। वन विभाग ने रेत निकासी के लिए वन मार्ग उपयोग की एनओसी भी जारी की है। इसके बाद भी कार्रवाई समझ से परे है। नेताम ने कहा कि रेत, मुरुम, पत्थर जैसे गौण खनिजों का उपयोग करने का अधिकार ग्रामीणों के पास है। पेसा कानून और ग्राम सभा ही मान्य है। ग्राम मर्रामर्खेड़ा में कई महीनों से चेन माउंटेन से खनन और हाईवा से परिवहन जारी है। वन विभाग कई बार पहुंचा, कार्रवाई की। नेताम ने कहा कि सरकारी योजनाओं के अलावा घर बना रहे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। अगली बैठक में खनिज विभाग के अफसर को बुलाने का प्रस्ताव पारित हुआ। नेताम ने तेंदूपत्ता खरीदी और लक्ष्य की जानकारी समितिवार लेने की बात कही। महिला एवं बाल विकास विभाग की नोनी सुरक्षा खाद्यान्न योजना की जानकारी भी ली। 19 आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो चुके हैं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में सामने आया कि डोंडी ब्लॉक में डौडी परियोजना फर्स्ट में 162 और सेकंड में 148 केंद्र हैं। कुल 310 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 256 भवन हैं। 19 केंद्र जर्जर हो चुके हैं, जिन्हें किराए के घर या सरकारी भवनों में चलाया जा रहा है। आठ केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। बैठक में वन, उद्यानिकी, मत्स्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपने विभाग की प्रगति रिपोर्ट पेश की। बैठक में जनपद सदस्य झमित बाई, शिवप्रसाद बारला, साधना सोरी, रत्ना हिरवानी, सुखवंती आर्य, आशा आर्य, प्रीति उर्वसा, शिवगिरि, चुरेन्द्र और कुलदीप साहू शामिल हुए।


