ग्वालियर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व विराट था। उन्होंने विकास के लिए हमेशा समग्र दृष्टिकोण अपनाया।’ सीएम बुधवार को शहर में अटल जी की 100वीं जयंती पर हुए ग्वालियर गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अटल स्मारक के अलावा प्रदेश में वाजपेयी जी के जीवन से जुड़े अन्य स्थानों पर उनसे जुड़ी स्मृतियों को संजोने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में हुए कार्यक्रम में सीएम ने शिक्षा, साहित्य, खेल, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, बालिका सशक्तिकरण व समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं ग्वालियर की 8 विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान से विभूषित किया। विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में गायक सुरेश वाडेकर ने भजन और गीतों की प्रस्तुति दी। सीएम ने खासतौर पर सुरेश वाडेकर के भजन ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो…’ और गुलजार के लिखे गीत ‘ऐ जिंदगी गले लगा ले…’ को पंसद किया। इसके लिए सुरेश वाडेकर की तारीफ भी की। असाधारण प्रतिभा के धनी थे, अनेक भूमिकाएं निभाईं
सीएम ने कहा, ‘वाजपेयी जी की असाधारण प्रतिभा का ही प्रमाण था, जो उन्हें देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू जैसे व्यक्ति अन्य राष्ट्रों में जाने वाले प्रतिनिधि मंडल में शामिल कर दायित्व सौंपते थे। वाजपेयी जी ने परमाणु विस्फोटों के माध्यम से राष्ट्र की शक्ति के प्रदर्शन और राष्ट्र के नागरिकों का मनोबल बढ़ाया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रभक्त वैज्ञानिक को महत्वपूर्ण भूमिका में लेकर आए।’ तोमर बोले-ग्वालियर गौरव दिवस वाजपेयी जी को समर्पित
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘ग्वालियर गौरव दिवस वाजपेयी जी को समर्पित है। वाजपेयी ज की जीवन यात्रा में ग्वालियर महत्वपूर्ण है।’ खजुराहो सांसद व एमपी बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश के सर्वमान्य नेता थे।’ कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, सांसद भारत सिंह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, विधायक मोहन सिंह राठौर भी मौजूद रहे। इन विभूतियों का हुआ सम्मान तबला दिवस भी मना, तबला वादन की प्रस्तुति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल 25 दिसंबर को तबला दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस पर गौरव दिवस के साथ तबला दिवस भी मनाया गया। दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित हुए गौरव दिवस समारोह में ग्वालियर के तबला वादक मनीष करवड़े और उनके साथियों ने तीन ताल मध्य तय में तबला वादन किया।


