भास्कर न्यूज | सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार भारी बारिश के कारण आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। चारोंतरफ लबालब पानी भर गया है। जिला मुख्यालय सरायकेला में लाइफलाइन खरकई नदी उफान पर है। जिला मुख्यालय से खरसावां को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में संजय नदी पर खपरसाई पुल डूब जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। इधर, नगर क्षेत्र अंतर्गत राजनगर मुख्य सड़क पर अत्यधिक पानी भर जाने से कुछ देर के लिए सड़क अवरुद्ध रहा। राजनगर मुख्य सड़क पर अत्यधिक पानी का बहाव रहने के कारण सड़क के नीचे से मिट्टी का कटाव हो गया है। सूचना मिलने पर विधायक चंपाई सोरेन के प्रतिनिधि सनद आचार्य ने पहुंचकर सड़क पर बैरियर लगाया और आवागमन करने वाले लोगों को सड़क क्षतिग्रस्त होने के बारे में सूचना दी। सूचना मिलने के बाद उपायुक्त नीतीश कुमार भी वहां पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। उपायुक्त के साथ नगर पंचायत के पदाधिकारी शशिरंजन व रोड डिविजन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। जल निकासी मार्ग पर अतिक्रमण है, जिससे सड़क के नीचे की मिट्टी बह चुकी है और आसपास भारी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इस जलजमाव के बीच जुस्को की बिजली लाइन से बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन के प्रतिनिधि सनत कुमार आचार्य ने इस स्थिति का एक वीडियो बनाकर उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को भेजा और त्वरित संज्ञान लेने का आग्रह किया। इसके बाद उपायुक्त स्वयं राजनगर रोड पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और पथ निर्माण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने दोनों विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर पहले वैकल्पिक बाईपास सड़क की मरम्मत पूर्ण कर वाहनों का परिचालन शुरू कराने का निर्देश दिया। तत्पश्चात मुख्य सड़क की मरम्मत की प्रक्रिया आरंभ करने को कहा। इस संबंध में विधायक प्रतिनिधि सनत आचार्य ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश से समस्या और भी विकराल हो गई है, लेकिन मुख्य वजह है नाले पर हुआ अतिक्रमण। उन्होंने कहा कि वर्षों से जिस सरकारी नाले से पूरे सरायकेला नगर क्षेत्र का पानी निकलता था, उस पर अब लोगों ने घर बना लिया है, जिससे जल निकासी बाधित हो गई है। आपदा प्रबंधन की ओर से जिला नियंत्रण कक्ष बनाया गया : इधर, आपदा प्रबंधन के लिए जिले में नियंत्रण कक्ष बना दिया गया है। उपायुक्त नीतीश कुमार ने बताया कि आपदा नियंत्रण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जिसमें पदाधिकारी व कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। मोबाइल नंबर 9204587147 पर संपर्क कर किसी भी प्रकार की जानकारी दी जा सकती है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन की ओर से लोगों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। 24 घंटे में जिले में 1562.01 एमएम वर्षा : जिले में पिछले 24 घंटे में 1562.01 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इसमें सर्वाधिक वर्षा जिले के नीमडीह प्रखंड में हुई है, जहां 289.6 एमएम वर्षा दर्ज की गई। दूसरे नंबर पर जिले के कुकरू प्रखंड में 186.6 एमएम वर्षा हुई तथा तीसरे स्थान पर चांडिल प्रखंड में कुल 180.6 एमएम वर्षा हुई, यानी जिले में अब तक कुल 2678.4 एमएम वर्षा हुई है।


