लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ईएंडएम शाखा के कार्यकारी इंजीनियर (ईई) अजय कुमार को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रंगे हाथ पकड़ लिया है। ईई ने ठेकेदार से टेंडर से पहले ही काम दिलाने के एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। वह ठेकेदार पर रकम देने पर दबाव बना रहा था। ऐसे में पीड़ित ठेकेदार ने एसीबी से शिकायत की।
जानकारी के मुताबिक ठेकेदार नरेंद्र पटेल ने अपनी कंपनी की तरफ से निविदा दिलवाने की मांग ईई अजय कुमार से की थी। इस पर कुमार ने सीधे तौर पर 2 लाख रुपए मांगते हुए पैसे मिलने के बाद ही वर्क ऑर्डर जारी करने की बात कही थी। ठेकेदार ने जब पैसे नहीं दिए तो ईई उसे परेशान करने लगा। पटेल ने बताया कि उसकी कंपनी सरकारी ठेके लेती है। जगदलपुर में भी वह निविदा अपने नाम पर निकलवाने की मांग ईई से की थी। लेकिन इसकी एवज में ईई ने 2 लाख रुपए की मांग की। जब उसने रिश्वत देने से मना कर दिया तो ईई ने काम नहीं देने की बात कही। यहां तक कि उसे ब्लैकलिस्ट करने की धमकी भी दी। ऐसे में वह एसीबी के पास पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत की। इस पर एसीबी ने ठेकेदार 500-500 रुपए के 400 नोट देकर ईई के साकेत कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर भेजा। यहां ठेकेदार ने ईई को कैमिकल लगे नोट थमाए और बाहर निकलते ही उसने एसीबी की टीम ने ईई अजय को पकड़ लिया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी एसीबी रमेश मरकाम ने बताया कि नरेंद्र पटेल की शिकायत पर ईई अजय कुमार को रंगे हाथों दबोच लिया गया है। 15 हजार की रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार, सस्पेंड मुंगेली जिले के लोरमी में एसीबी ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर कृष्ण कुमार गुप्ता को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि ग्राम पाली निवासी नंद कुमार साहू ने अपने घर के लिए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 11 जून को जेई उनके घर पहुंचे और बिना परमिशन बिजली जलाने का आरोप लगाते हुए कनेक्शन काट दिया। इसके बाद कार्रवाई से बचने के लिए 50 हजार की मांग की। बाद में मामला 15 हजार में तय हुआ। नंद कुमार ने रिश्वत न देने का फैसला किया और इसकी शिकायत बिलासपुर एसीबी से की। आरोपी इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है।


