सौरभ शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी:कार से मिले गोल्ड-कैश जब्ती के बाद एक्शन; बिना पूछताछ देश के बाहर नहीं जा सकेगा

आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा को लेकर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है। भोपाल के मेंडोरी में इनोवा कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश जब्त करने के बाद सौरभ शर्मा से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद सौरभ शर्मा अब भारत आने पर सीधे जांच एजेंसियों के शिकंजे में आ सकेगा। साथ ही बिना विभाग की परमिशन के देश से बाहर भी नहीं जा सकेगा। कार से मिला सोना और कैश आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा का ही होने की पुष्टि के बाद आयकर विभाग ने दो दिन पहले लुक आउट सर्कुलर जारी करने का फैसला लिया था। इसके लिए डीआरआई को पत्र भेजने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। दो दिनों में आयकर अधिकारियों ने यह प्रक्रिया पूरी की और अब सौरभ शर्मा से पूछताछ संबंधी कार्रवाई के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है। दुबई में है सौरभ शर्मा, आधिकारिक जानकारी नहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सौरभ शर्मा उसके ठिकानों पर लोकायुक्त की छापेमारी के पहले से दुबई में है। हालांकि इसकी कोई आधिकारी जानकारी आयकर विभाग या अन्य जांच एजेंसियों के पास नहीं है। इसलिए सौरभ शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है। सौरभ शर्मा अब लोकायुक्त पुलिस और आयकर विभाग दोनों के जांच के दायरे में आ गया है, दोनों एजेंसियों को उसकी तलाश है। शरद जायसवाल और अन्य करीबियों को भी नोटिस जारी होंगे
आयकर विभाग ने गोल्ड और कैश जब्त किए जाने के बाद कार के मालिक चेतन सिंह गौर से पूछताछ की है। गौर के बयान के बाद अब सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी शरद जायसवाल को नोटिस जारी करने की तैयारी है। इसके साथ ही सौरभ की मां, पत्नी और अन्य परिजनों को राजधानी के चूना भट्टी स्थित रेस्टारेंट ‘फोगीट’ से संबंधित मामले में नोटिस जारी किए जाएंगे। सौरभ शर्मा के करीबी रिश्तेदार अपने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर भूमिगत हो गए हैं। ऐसे जारी होता है लुक आउट सर्कुलर (एलओसी)
गृह मंत्रालय लुक आउट सर्कुलर जारी करता है। केंद्र सरकार में कम से कम डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी, राज्य सरकार में कम से कम ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी और जिला स्तर पर कम से कम सुपरवाइजरी पुलिस ऑफिसर रैंक का अधिकारी इस सर्कुलर को जारी कर सकता है। यह सर्कुलर तय फार्मेट पर इमिग्रेशन चेक पॉइंट पर जारी किया जाता है। इसके बाद एयरपोर्ट, बंदरगाह और देश की सीमाओं को पर ऐसे व्यक्ति की निगरानी की जाती है। सर्कुलर जारी करने वाली एजेंसी को व्यक्ति के खिलाफ जरूरी जानकारी एक तय फॉर्मेट में देनी होती है। सर्कुलर का मकसद उन लोगों को रोका जा सके जो कानून से बचने के लिए देश से बाहर भागने की कोशिश कर रहे हैं। गोल्ड की मैन्युफैक्चरिंग पर जांच, कहां से आया गोल्ड?
आयकर विभाग की जांच टीम अब जब्त किए गए गोल्ड की मैन्युफैक्चरिंग पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। विभाग यह जांच कर रहा है कि इस 52 किलो सोने की आपूर्ति कहां से हुई और यह किसने तैयार किया। इस मामले में गोल्ड व्यापार से जुड़े कुछ व्यापारियों को तलब किया गया है। पूर्व कॉन्स्टेबल के यहां मिली थी 235 किलो चांदी और 2.95 करोड़ कैश
19 दिसंबर को लोकायुक्त और आयकर विभाग के छापों में सौरभ शर्मा के ठिकानों से 235 किलो चांदी और 2.95 करोड़ रुपए कैश मिले थे। वहीं 19 दिसंबर की देर रात मेंडोरी के जंगल से एक कार से 52 किलो सोना मिला। 11 करोड़ रुपए कैश भी बरामद हुआ था। कार एक मकान के बाहर लावारिस हालत में मिली थी। सोने की कीमत करीब 40 करोड़ 47 लाख रुपए आंकी गई थी। कार का मालिक चेतन सिंह गौर सौरभ का करीबी है। आरक्षक से बिल्डर बना सौरभ शर्मा परिवहन विभाग में पदस्थ सीनियर अफसर बताते हैं कि सौरभ के पिता स्वास्थ्य विभाग में थे। साल 2016 में उनकी अचानक मृत्यु के बाद उनकी जगह अनुकंपा नियुक्ति के लिए सौरभ की तरफ से आवेदन दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने स्पेशल नोटशीट लिखी कि उनके यहां कोई पद खाली नहीं है। अक्टूबर 2016 में कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती सौरभ की पहली पोस्टिंग ग्वालियर परिवहन विभाग में हुई। मूल रूप से ग्वालियर के साधारण परिवार से संबंध रखने वाले सौरभ का जीवन कुछ ही वर्षों में पूरी तरह बदल गया। नौकरी के दौरान ही उसका रहन-सहन काफी आलीशान हो गया था, जिससे उसके खिलाफ शिकायतें विभाग और अन्य जगहों पर होने लगीं। कार्रवाई से बचने के लिए सौरभ ने वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम के तहत सेवानिवृति ले ली। इसके बाद उसने भोपाल के नामी बिल्डरों के साथ मिलकर प्रॉपर्टी में बड़े पैमाने पर निवेश करना शुरू कर दिया।

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