केंद्र सरकार द्वारा बार-बार समय दिए जाने के बाद भी राशन कार्ड के लाभुकों का ई-केवाईसी का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार ने अंतिम बार समय देते हुए 30 जून की समय सीमा निर्धारित की है। लेकिन राज्य में अब तक 74.58% लाभुकों का ही ई-केवाईसी हो पाया है। अब भी 64,62,406 लाभुकों का ई-केवाईसी नहीं हो पाया है। अब शेष बचे 10 दिनों के भीतर ही इनका ई-केवाईसी पूरा करना है। यह स्थिति तब है जब झारखंड में ई-केवाईसी पूरा करने के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान भी चलाया गया था। ई-केवाईसी पूरा करने के लिए केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्य के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर इसे पूरा कराने का अनुरोध किया था। जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके अनुसार राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम(एनएफएसए) के तहत कुल 2,49,77,652 लाभुक हैं। इनमें से 18,51,52,46 लाभुकों का ही ई केवाईसी पूरा हो पाया है। बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में सबसे कम 63.65% ई-केवाईसी हो पाया है। पूर्व में केंद्र सरकार ने तय की थी 31 मार्च को अंतिम तिथि पूर्व में भारत सरकार ने एनएफएसए लाभुकों की ई-केवाईसी पूर्ण करने के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित थी। लाभुकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण करने के लिए ही गत 21 मार्च से 27 मार्च तक ई-केवाईसी सप्ताह का आयोजन किया गया था। उस दौरान सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी पणन पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लाॉगिन में ई-केवाईसी राशन कार्डधारकों की सूची उपलब्ध कराना था। साथ ही जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को इन राशन कार्डधारियों के निवास स्थान तक जाकर ई-केवाईसी कार्य संपन्न कराना था। शुरुआत में रही तेजी, बाद में शिथिल पड़ता चला गया कार्य ई केवाईसी सप्ताह के दौरान जनवितरण प्रणाली दुकानदारों द्वारा ई केवाईसी पूरा कराने में गति लाई गई। पर बाद में इस कार्य में काफी शिथिलता बरती गई। इसी क्रम में भारत सरकार के द्वारा ई-केवाईसी पूर्ण करने के लिए 30 अप्रैल 2025 तक अवधि विस्तारित की गई। विभाग के द्वारा राज्य के सभी उपायुक्तों को कम ई-केवाईसी पूर्ण कराने वाले जनवितरण प्रणाली दुकानदारों को 23 अप्रैल तक ई-केवाईसी कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देश दिया गया था। साथ ही अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया था।


