रांची रेलवे स्टेशन पर रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम सुचि सिंह ने सीसीआई नीरज कुमार, सचिन गुप्ता, मोतीलाल, विपिन कुमार, योगेश मान चौधरी व सीनियर सीएआईआर ए कुमार के साथ प्लेटफॉर्म संख्या एक स्थित कॉमसम फूड प्लाजा का निरीक्षण किया। इसमें कई अनियमिताएं मिलीं। रसाई में फ्लाई कैचर नहीं था। खुले खाद्य पदार्थों पर मक्खियां मंडरा रहीं थीं। आरओ प्यूरीफायर काम नहीं कर रहा था। खाना पकाने के लिए रसोई में फिल्टर पानी का जार भी नहीं था। प्रबंधक नियमित सेवाओं का जॉब कार्ड भी दिखाने में विफल रहा। सब्जियां और अन्य शाकाहारी खाद्य पदार्थ कच्चे और पके हुए चिकन के साथ-साथ अंडे के साथ रखे पाए गए। पनीर, मोमोज, नूडल्स जैसे गैर-ब्रांडेड और खुले खाद्य पदार्थ इस्तेमाल किए गए पाए गए। रसगुल्ले की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। लहसुन में फफूंद लगा था । लूज पनीर, रसगुल्ला, गुलाब जामुन आदि खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अनुमोदित प्रयोगशाला के माध्यम से एकत्र किए गए और सीएमएस/आरएनसी को सूचित करते हुए प्रेषण के लिए ड्यूटी पर मौजूद सीएचआई/आरएनसी को सौंप दिए गए। मिनी पिज्जा जैसे बेकरी आइटमों पर बेस्ट बिफोर यूज बाय तिथि प्रदर्शित नहीं की गई थी। सभी स्टाफ सदस्य पहचान पत्र नहीं पहने हुए थे। मैन्यू चार्ट में सभी अनुमोदित खाद्य पदार्थों के साथ-साथ उनकी दरों का विवरण नहीं था। पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए जारी किया गया बिल रेलनीर के नाम पर था, जबकि बेली पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर परोसा गया। कोई भी एयरकंडीशनर चालू नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान ऑन-ड्यूटी मैनेजर त्रिलोक चंद का व्यवहार अव्यवसायिक और असहयोगी रहा। सीनियर डीसीएम ने उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय, सीटीआई कार्यालय, सीसीआई-आरएनसी कार्यालय का निरीक्षण किया और बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए ट्रेन नंबर 15027 एचटीई-जीकेपी मौर्य एक्सप्रेस में टिकट जांच भी की।


