भास्कर न्यूज|भरनो भरनो प्रखंड के समसेरा गांव स्थित स्कूल प्रांगण में शनिवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा भरनो प्रखंड की सभा संस्कृति कार्यक्रम के साथ की गई। आंदोलनकारियों को जीते जी न्याय के साथ सम्मान एवं स्वाभिमान से जीने के अधिकार के तहत राजकीय मान सम्मान, अलग पहचान, पुत्र- पुत्री, पोता-पोती के रोजी- रोजगार एवं नियोजन की गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता को समाप्त कर सभी को सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रु. सरकार से देने की मांग की गई। सभा में आंदोलनकारी को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ग्रुप बीमा 10-10 लाख का ग्रुप बीमा, तकनीकी शिक्षा दीक्षा भाषा संस्कृति के आधार पर निशुल्क व्यवस्था करने की मांग सरकार से की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड के राजनेता पूंजीपतियों के गुलाम नहीं बल्कि झारखंड आंदोलनकारियों, झारखण् डी जनमानस एवं अलग राज्य के मूल्यों का रक्षक बनें, जल, जंगल, जमीन, पहचान, अस्तित्व, अस्मिता, भाषा-संस्कृति के मौलिक अधिकारों को मिटने से बचाएं, राज्य में समता जजमेंट को लागू कर झारखंड के आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएं-खुशहाल बनाएं। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी अपने बाल बच्चों, नाती पोता के अधिकारों की रक्षा के लिए सामने आए,एक संघर्ष के लिए तैयार रहें, गांव-गांव में आंदोलनकारियों को नई क्रांति करने के लिए बैठके, सभा, चर्चा, क्रांतिकारी गीत-गोविंद, गोष्टी लगातार करते रहना है। वहीं मौके पर दक्षिणी छोटा नागपुर की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की और अन्थन लकड़ा ने कहा कि सरकार झारखंड अलग राज्य एवं माय-माटी के मूल्यों को स्थापित कर शहीदों के अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की दिशुम गुरु वीर शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलनकारी के रूप में अब गजट नोटिफिकेशन कर राजकीय मान-सम्मान के साथ समारोह पूर्वक सम्मानित करें, गुरुजी का राजकीय मान सम्मान झारखंड आंदोलनकारियों का शान है।


