मौलाना अब्दुल कलाम आजाद अरबी-फारसी शोध संस्थान में सर्व धर्म सभा और विभूतियों के सम्मान समारोह के साथ गुरुवार को टोंक महोत्सव का समापन हो गया। ज्ञात रहे कि इस साल आचार संहिता के चलते टोंक महोत्सव नवंबर के बजाय इस माह मनाया गया। इसके कार्यक्रम 8 से 12 दिसंबर तक आयोजित किए गए। जबकि इससे पूर्व रियासत कालीन स्थापना के उपलक्ष्य पर टोंक महोत्सव 15 नवंबर से मनाया जाता रहा है। गुरुवार को समापन के मौके पर सर्व धर्म सभा आयोजित की गई। इसमें सभी धर्मों के आदर करने की सीख दी गई। साथ ही ईश्वर एक ही है कि अवधारणा को प्रतिपादित करते हुए सभी धर्म के लोगों ने एकता-भाईचारे के साथ रहने पर जोर दिया। इस मौके पर एडवोकेट शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि हिंदू, मुसलमान होना बड़ी बात नहीं है, बड़ी बात यह है कि मनुष्य अपने इमान-धर्म पर कितना कायम रहता है। सुखलाल आर्य ने धैर्य, सहनशीलता से धर्म की परिभाषा की। मुफ्ती आदिल नदवी, मुफ्ती इस्लाहुद्दीन खिजर ने एकता भाईचारे को बढ़ावा देते हुए अपनी बात कहीं। इस मौके पर बलराम शर्मा, हनुमान सिंह सौलंकी आदि ने भी अपने विचार व्यक्ति किए। धर्म सभा ने सभी ने इस बात पर जोर दिया कि जितना अपने धर्म का आदर करते हैं, उतना दूसरे धर्म का भी आदर करें। यही हमारी बरसों की संस्कृति भी रही है। इस मौके पर अंजुमन के आफताब अली खान, शोध संस्थान के पूर्व निदेशक मुजीब अता आजाद, जिला वक्फ कमेटी के पूर्व सदर मोहम्मद अहमद खां भययू, मुमताज उस्मानी, मेहबूब उस्मानी, मुमताज राही, अमजद अली खां, मोहम्मद शरीफ, अदीब सैयद साजिद अली, शराफत अली खां, विजय बहादुर सिंह, जुनेद असलम, अब्दुल मुनीम, तारिक मियां मेडिकल वाले, अनवर अली बबली, इम्तियाज खान, सूरेश पाल, नन्ने खां, सरफराज खान, राहिल अली आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व बुधवार की रात सांस्कृति संध्या का भी आयोजन किया गया था। जिसमें छात्र-छात्राओं सहित टोंक के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर उत्साह का संचार किया। समापन अवसर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, चारबैत कलाकारों सहित समाज सेवा में, पत्रकारिता में एवं चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक सरोकार आदि सेवाओं में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले कई प्रबुद्धजनों का सम्मान किया। करीब 100 से अधिक प्रतिभाओं के साथ ही कलाकारों का सम्मान किया गया। इस मौके पर आफताब अली खां, एडवोकेट शैलेंद्र शर्मा, जिला वक्फ कमेटी के सदर मोहम्मद अहमद, हनुमान सिंह सौलंकी, यूनानी मेडिकल कॉलेज के उपाचार्य डा. नाजिया शमशाद, यूनानी चिकित्सालय अधीक्षक मोहम्मद अकमल आदि ने पुरसकार देकर सम्मानित किया। इस दौरान मौलाना आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान के पूर्व निदेशक मुजीब आजाद ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में टोंक जिले मे एक हजार 300 करोड़ निवेश होने जा रहा हैं। इससे टोंक शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उन्नति करेगा। इस मौके पर कवयित्रि ममता मंजुला, रेखा जाजू, जैबा खान, सोहेल वकील, जहीर खान, मोहम्मद शरीफ, डा. सुमबुल, डा. तारिक अहमद, डा. अमजद आदि भी मौजूद रहे। इनपुट: एम असलम


