युक्तियुक्तकरण से शिक्षा की गुणवत्ता में की जा रही है कटौती: आदिवासी समाज

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा आदिवासी समाज के द्वारा शनिवार को स्थानीय मुद्दों और सरकार के युक्तियुक्तकरण सहित अन्य मुद्दों को लेकर प्रेसवार्ता कर सरकार पर समाज के लोगों ने आरोप लगाए। आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष सुरेश कर्मा और बल्लूराम भवानी ने कहा युक्तियुक्तकरण और स्कूलों को मर्ज कर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ कर रही है। सरकार आदिवासियों को सिर्फ साक्षर करना चाहती है, उसके आगे पढ़ने देना नही चाहती है। सरकार के एक मंत्री के द्वारा आज ही एक प्राइवेट स्कूल का उद्घाटन किया गया है, सरकार शासकीय स्कूलों को बंद करने की तैयारी में है और निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है। निजी स्कूलों में आदिवासी बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे इसलिए स्कूलों के सेटअप से छेड़छाड़ किया गया है। प्राथमिक शाला में 2008 के सेटअप को बंद कर दिया गया है जो गलत है। आदिवासी समाज के लोगों ने कहा आदिवासी हित की बात उठाने वाले नेताओं को या तो जेल भेजा जा रहा है या फिर उनके घर पर ईडी की रेड सरकार के द्वारा करवाई जा रही है। आदिवासी नेता मनीष कुंजाम ने तेंदूपत्ता घोटाले की आवाज उठाई तो उनके यहां ईडी पहुंच गई, कवासी लखमा को जेल में डालकर रखा गया है डायरी तक पेश नहीं की जा रही है। 50 हजार बांग्लादेशी घुसे हुए हैं बस्तर में आदिवासी समाज के लोगों ने घुसपैठियों पर भी सवाल खड़े किए, सन 65 में शरणार्थी के रूप में बस्तर में बसाए गए बांग्लादेशी दंतेवाड़ा के भांसी में भी हैं। सरकार इन परिवारों को उनके मूल निवास पर भेजे, आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी नहीं खरीद सकता है फिर लीज क्यों, सरकार भूराजस्व संहिता में परिवर्तन करे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *