भास्कर न्यूज | उंटारी रोड प्रखंडस्तरीय मनरेगा के सामाजिक अंकेक्षण सह जनसुनवाई में भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई। बिरसा हरित योजना के तहत छह पंचायतों में लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए आम बागान जमीन पर नहीं दिखे। जिला लोकपाल शंकर प्रसाद ने जब पंचायत के मुखिया से पूछा तो उन्होंने नीलगाय द्वारा बागान नष्ट करने की बात कही। लोकपाल ने इस पर असंतोष जताया। मनरेगा के तहत बनाए गए टीसीबी (मेडबंदी) और डोभा निर्माण में भी गड़बड़ी मिली। माप से कई गुना अधिक दिखाकर भुगतान किया गया। सबसे ज्यादा गड़बड़ी मुरमाकला पंचायत में मिली। यहां फर्जी नामों पर मेडबंदी और डोभा निर्माण के कई मामले सामने आए। किरण देवी नाम की फर्जी जॉब कार्डधारी के नाम पर हजारों रुपए का भुगतान हुआ। जांच में पता चला कि मुरमाकला में इस नाम की कोई जॉब कार्डधारी नहीं है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में करकट्टा पंचायत के उपेंद्र मेहता, परशुराम मेहता, प्रेमराम सहित पांच जॉब कार्डधारियों को मुर्गी शाला निर्माण के लिए भुगतान हुआ। लेकिन पांच साल बाद भी शेड बनाने के लिए भेंडर ने सामग्री नहीं दी। इससे लाखों रुपए के मुर्गी के चूजे मर गए। लोकपाल ने इसे बीडीओ की लापरवाही बताया। उन्होंने भेंडर से दो हफ्ते में सामग्री दिलवाने का निर्देश दिया। जिला लोकपाल शंकर प्रसाद ने बताया कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में मनरेगा से हुए कूप, डोभा और टीसीबी निर्माण में कई खामियां और गलत भुगतान सामने आए हैं। उन्होंने बीडीओ श्रवण भगत को तीन दिन में इन गड़बड़ियों पर मंतव्य देने को कहा है। सभी गड़बड़ियों को सूचीबद्ध कर जिला सामाजिक अंकेक्षण सह जनसुनवाई में रखा जाएगा।


