अंकित कुमार चीनी आपूर्ति में रामगढ़ जिला फिसड्डी साबित हो रहा है। यह हम नहीं जिला से प्राप्त आंकड़े बोल रहे हैं। जिला में 19 हजार 663 परिवार चीनी प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं। सभी के बीच 19 हजार 663 केजी चीनी का वितरण होना है। इसकी जिम्मेवारी जिला के 654 पीडीएस डीलरों के बीच है। इसे लेकर जिला में अप्रैल, मई और जून का चीनी पहले ही आ चुका है। छह माह गुजरने के बावजूद अब तक शत प्रतिशत चीनी का वितरण नहीं हो पाया है। महज 46.15 फीसदी लाभुकों को ही चीनी मिल पाई है। चीनी आवंटन के लिए पहले डीलरों को डिमांड ड्राफ्ट बनवाना पड़ता था। इसके आदि हो चुके डीलरों को इसमें सहुलियत होती थी। लेकिन अब व्यवस्था बदल गई है। गोला प्रखंड में 99 डीलर 6437 लाभुकों को 4064 केजी िवतरित िकया गया जो 63.14% है। मांडू प्रखंड में 185 डीलर को मिला 4621 केजी िजसमें 2220 केजी िवतरित िकया गया जो 48.04% है। पतरातू में 170 डीलरों को 3084 केजी िमला िजसमें 650 केजी ही िवतरित हुआ जो 21.08% है। रामगढ़ में 48 डीलरों को 1503 केजी मिला जिसमें 681 केजी ही बांटी गई जो 45.31% है। चितरपुर में 58 डीलरों को 1007 केजी चीनी मिली जिसमें 544 केजी बंटी जो 54.02% है। दुलमी में 52 डीलरों को 2170 केजी िमली िजसमें 649 केजी िवतरित हुई जो 29.91% है। रामगढ़ कैंट में 42 डीलरों को 841 केजी चीनी िमली जिसमें 266 केजी बांटी गई जो 31.63% ही है। िजला अपूर्ति पदाधिकारी रंजीता टोप्पो ने कहा कि 31 दिसंबर तक शत प्रतिशत चीनी वितरण का निर्देश डीलरों को दिया गया है। आदेश का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में डीलरों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। चीनी वितरण में किसी प्रकार का लापरवाही स्वीकार नहीं होगा। इसे लेकर प्रखंड स्तर पर भी मोनेटरिंग की जा रही है। व्यक्तिगत रुप से मैं भी प्रतिदिन जानकारी ले रही हूं। डीलर के अलावा प्रखंड स्तर पर भी जवाबदेही तय की जाएगी। जरूरत पड़ी तो स्पष्टीकरण जारी करने के साथ सस्पेंड करने तक की कार्रवाई होगी।


