प्रकाश मिश्रा
प्रयागराज में 14 जनवरी से महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। जो एक महीने तक चलेगा। लेकिन गिरिडीह जिले में रहने वाले तीर्थ यात्रियों को प्रयागराज जाने में भारी परेशानी का सामना करना होगा। अभी तक रेलवे की ओर से हावड़ा से आसनसोल, धनबाद, कोडरमा होकर ही कुंभ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किए जाने की घोषणा की गई है, जबकि आसनसोल से मधुपुर होकर न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन से कोडरमा के रास्ते एक भी स्पेशल ट्रेन के परिचालन की घोषणा नहीं हो सकी है। ऐसे में यहां के तीर्थ यात्रियों को महाकुंभ स्नान में जाने के लिए धनबाद और कोडरमा ही जाना होगा। तभी उन्हें ट्रेन उन दोनों स्टेशनों से मिल सकती है। जबकि इस रुट में मात्र एक साप्ताहिक ट्रेन प्रत्येक बुधवार को गोड्डा- नई दिल्ली एक्सप्रेस चलती है, उससे ही यात्रियों को मेला के दौरान सफर करना होगा। जबकि मेला में गिरिडीह जिले से काफी संख्या में तीर्थ यात्रियों के जाने की संभावना है। इस रुट से कुंभ स्पेशल ट्रेन के चलने से न्यू गिरिडीह, जमुआ, धनवार से भी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले काफी लोगों को लाभ मिलता, उनकी परेशानी कम होती। लेकिन रेलवे इस दिशा में कोई पहल करते हुए नजर नहीं आ रही है। जब इस रुट से एक्सप्रेस ट्रेन चल सकती है, तो महाकुंभ के दौरान भी पांच-छह फेरा हावड़ा रुट की ट्रेन चले। गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, प्रदीप अग्रवाल, अमरजीत सिंह सलूजा, निर्मल विश्वकर्मा और प्रमोद कुमार ने बताया कि हावड़ा से चलाई जाने वाली महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन रेलवे की ओर से चलाये जाने का फैसला लिया गया है। उस ट्रेनों को मेला के दौरान कम से कम सप्ताह में तीन दिन मधपुर, न्यू गिरिडीह, कोडरमा रुट पर चलाए। ताकि इसका लाभ गिरिडीह शहर के साथ पूरे जिले के लोगों को मिल सके। काफी संख्या में शहर सहित ग्रामीण इलाकों से काफी लोग मेला में जाते है। इस बार 12 वर्षों के बाद महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। जिसमें लोग काफी संख्या में जाएंगे। गिरिडीह के लोगों की सुविधा को लेकर इस रुट से भी ट्रेन चलाने की ज़रुरत है।


