प्रखंड में लगभग एक करोड़ की लागत से बन रही दो उद्वह सिंचाई योजनाओं की मरम्मत व निर्माण कार्य शुरू हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक किसानों के खेतों में एक बूंद पानी नहीं पहुंच पाया है। जबकि यदि उक्त योजनाएं चालू हो जाती है, तो लगभग एक सौ एकड़ भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी और किसानों को वर्षा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार पूर्व में झालको की ओर से संचालित बंद पड़े प्रखंड की मधगोपाली पंचायत स्थित घुटवाली और दुधपनिया में दो उद्वह सिंचाई योजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद से 54-54 लाख की लागत से मरम्मत और निर्माण कार्य मार्च 2022 में शुरू हुआ था। जिसमें नदी में इंटेक वेल, मोटर हाउस और केयर टेकर हाउस की मरम्मत, मोटर लगाने और पाइप बिछाने के लिए 43 लाख और योजना स्थल पर बिजली की व्यवस्था के लिए 11 लाख स्वीकृत है। उक्त दोनों योजनाओं का कार्य जिला परिषद से कराया जा रहा है। डुमरी प्रखंड में दोनों योजनाओं की शुरुआत 2022 में हुई थी दोनों योजनाओं की शुरुआत मार्च 2022 को हुई थी। दो वर्ष दस माह बीत चुके हैं, लेकिन इनमें से एक भी योजना पूरी तरह चालू नहीं हो पायी है। विभाग भले ही इन योजनाओं को पूर्ण कर चालू होने की बात कह रही है, परंतु वे सभी फुल फैज में चालू नहीं हो पाई है। इन दोनों योजनाओं से अभी तक किसानों के खेतों में एक बार भी पानी नहीं पहुंचाया गया है। जबकि अब किसानों द्वारा खेतों में गेहूं लगाने का सीजन आ रहा है। यदि ये योजनाएं समय रहते चालू हो जाती है तो किसानों को गेहूं लगाने में आसानी होगी। वहीं घुटवाली स्थित योजना के लिए अभी तक ड्रेन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि ग्रामीणों के अनुसार दुधपनिया स्थित योजना में कुछ सप्ताह पूर्व ही इंटेक बेल से पंप हाउस तक पाइप जोड़ा गया है। विभाग की लापरवाही के कारण योजनाएं चालू नहीं हो पाईं: मुखिया मधगोपाली पंचायत के मुखिया जागेश्वर महतो ने कहा कि विभाग और संवेदक की लापरवाही के कारण पंचायत में दोनों योजनाएं चालू नहीं हो पायी है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द से योजनाओं को चालू करने की मांग की, ताकि समय पर किसानों को लाभ मिल सके। दोनों योजनाएं लगभग पूर्ण हो गई हैं, जल्द ही खेतों में पानी पहुंचेगा:ईई इस संबंध में जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता भोला राम ने कहा कि दोनों योजनाएं लगभग पूर्ण हो गयी है। बहुत जल्द ही खेतों में पानी पहुंचने लगेगा। बताया कि योजना पूर्ण होने के बाद स्थानीय किसानों की समिति बना कर उसे हैंडओवर कर दिया जाएगा।


