डौंडी वन परिक्षेत्र पर बसे ग्राम पेवारी के जिस आधा एकड़ से ज्यादा जमीन को लेकर ग्रामीणों व वन विभाग के बीच विवाद की स्थिति है। वह जमीन आरएफ (रिजर्व फॉरेस्ट) 156 वन िवभाग के अधीन है। वन विभाग के अनुसार राज्य शासन के निर्देश पर निर्धारित मापदंड अनुसार बहुत पहले पेवारी के 72 परिवारों को वन अधिकार पट्टा दस्तावेज सौंपा जा चुका है। जिस जमीन पर भूजल संरक्षण के तहत पर्कुलेशन पानी टैंक, वाटर शेड, बीज बुआई, पौधरोपण व अन्य काम प्रस्तावित है, वह वन विभाग की है। जिसे ग्रामीण अपना बता रहे हैं। थाने पहुंचकर ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि वन विभाग जिस जमीन पर काम करवा रही है, वहां बरसों से काबिज होकर खेती करते आ रहे हैं। दादा, परदादा के समय से किसी ने आपत्ति नहीं की। इस संबंध में सुशासन तिहार में आवेदन भी सौंपे थे। वहीं वन विभाग के अफसरों ने जानकारी दी है कि रिकॉर्ड में वन विभाग के अधीन ही जमीन है। वन विभाग की जमीन पर कई लोगों ने कब्जा कर लिया है। वर्तमान में भूजल संरक्षण के तहत कई काम होना प्रस्तावित है। वन परिक्षेत्र डौंडी के रेंजर जेएल भोंडेकर ने बताया कि निर्माणाधीन कार्यस्थल में पहुंचने के पहले एक किमी दूर बीच रास्ते में 50 से ज्यादा ग्रामीणों ने हमारी टीम पर हमला किया है। वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों को पहले भी समझाइश दे चुके थे। दोबारा अतिक्रमण करने पर जब मना कर रहें थे, तब प्राणघातक हमला किया गया। कार्यस्थल का निरीक्षण करने के लिए डौंडी के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी एसके चंद्राकर, वनरक्षक गोपीराम साहू, हिरामन सिंह रावटे, जयचंद हिडको, सुरक्षा श्रमिक कंवलूराम निषाद, हरण सिंह एवं वाहन चालक यश कुमार निषाद जा रहे थे। मारपीट के बाद अधिकारी और कर्मचारियों को पकड़ा पुलिस के अनुसार रेंजर जेएल भोंडेकर ने जानकारी दी है कि ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारियों पर डंडे से मारपीट कर प्राणघातक हमला किया है। मारपीट के बाद बंधक बनाया गया। जान से मारने की धमकी दिया गया। 50 से ज्यादा लोगों ने मारपीट की है। लेकिन अधिकांश लोगों की पहचान नहीं होने की वजह से वन विभाग की ओर से पहचान के आधार पर सोमनाथ, बेदूराम, अर्जुन सिंह, भोलाराम, तुलसी राम, तुलाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।


