झारखंड के पलामू के पोलपोल निवासी पवन कुमार ने विधवा पूजा देवी से शादी कर समाज में नई मिसाल कायम की है। अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस पर यह शादी पहल ट्रस्ट के कार्यक्रम में संपन्न हुई। पूजा देवी की पहली शादी 2018 में हुई थी। 2019 में वह मां बनीं। 2020 में उनके पति का निधन हो गया। पति की मौत के बाद उनका जीवन संघर्षमय हो गया था। माइक्रोफाइनेंस कंपनी में कार्यरत बीए पास पवन कुमार ने पूजा से विवाह कर रूढ़िवादी सोच को चुनौती दी। 2025 तक जिले में 5 विधवा विवाह कराने का लक्ष्य विवाह समारोह में प्रशिक्षु आईएएस हिमांशु और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, संत मरियम विद्यालय के चेयरमैन सह पहल ट्रस्ट के प्रतिनिधि अविनाश देव समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। जिला समाज कल्याण विभाग विधवा विवाह पर 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करता है। विभाग ने 2025 तक जिले में 5 विधवा विवाह कराने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में कई विधवा महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। चैनपुर की एक विधवा ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद समाज उन्हें दोषी मानता है। उन्हें बेटों से दूर कर दिया जाता है और चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं। पहल ट्रस्ट के प्रतिनिधि अविनाश देव ने कहा कि संस्था विधवा महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है। विधवा विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र की सैकड़ों विधवा महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।


