आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी:राजनांदगांव में 7 लोगों की गिरफ्तारी के बाद आरक्षक भर्ती प्रक्रिया निरस्त की गई

राजनांदगांव की 8वीं बटालियन में आयोजित की जा रही आरक्षक भर्ती प्रक्रिया गड़बड़ी के आरोपों और 7 गिरफ्तारियों के बाद निरस्त कर दी गई है। यह फैसला बुधवार को सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद गृह विभाग ने लिया है। इस पूरी प्रक्रिया में जांच के लिए आईजी के निर्देश पर एसआईटी टीम भी बनाई गई है। 10 दिनों के भीतर टीम को रिपोर्ट देनी होगी। इस मामले में एक अभ्यर्थी, 4 आरक्षक, इवेंट कंपनी के दो कर्मचारियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संदिग्धों के वाट्सएप और मोबाइल की जांच की जा रही है। ऐसे हुआ खुलासा: अभ्यर्थी को 11 की बजाय 20 अंक दिए इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब गोला फेंक में 11 की बजाय अभ्यर्थी को 20 अंक दे दिए गए थे। जांच के बाद मीना के लंबी कूद के अंक में भी गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसकी एफआईआर खुद ड्यूटी पर तैनात डीएसपी ने कराई थी। इसके बाद गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ। मंगलवार को ही अभ्यर्थी मीना की भी गिरफ्तारी की गई। सीएसपी पुष्पेंद्र नायक ने बताया कि सभी एंगल से जांच जारी है। कुछ और लोगों से पूछताछ हो रही है। कार्रवाई जारी है। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं: स्पीकर
स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सीएम व गृहमंत्री ने राजनांदगांव पुलिस भर्ती मामले में संज्ञान लेकर भर्ती को रद्द कर सराहनीय निर्णय लिया है। सीएम ने निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के निर्देश देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि इस सुशासन की सरकार में लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने की जानकारी मिली है। इस संबंध में राज्य शासन से निर्देश के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एसआईटी की टीम भी जांच कर रही है।
– मोहित गर्ग, एसपी

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