जालंधर में कार और ऑटो की टक्कर:3 लोगों की मौत, 5 लोग घायल; गलत साइड से तेज रफ्तार में आई

पंजाब में जालंधर जिले के फिल्लौर के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जहां एक गाड़ी और ऑटो में टक्कर हो गई। ये हादसा जालंधर के फिल्लौर-नवांशहर हाईवे पर स्थित गांव रसूलपुर के पास हुआ। मरने वाले तीनों लोग घटना के वक्त ऑटो में बैठे हुए थे। उक्त ऑटो को तेज रफ्तार गाड़ी ने टक्कर मार दी। जिसमें अन्य चार लोग जख्मी भी हुए हैं। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल फिल्लौर में भेज दिया है। वहीं, एक जख्मी की हालत काफी गंभीर थी, जिसके चलते उसे निजी अस्पताल में रेफर किया गया है। डॉक्टर बोले- एक को रेफर किया, बाकी का इलाज जारी मृतक के परिजन गोगी ने बताया- घटना में मेरी मां और भाभी की मौत हुई है। दोनों ऑटो में सवार थी, इस दौरान ऑटो को सामने से आ रही गाड़ी ने टक्कर मार दी। घटना के वक्त मेरी भतीजी और मेरे पिता भी ऑटो में थे। जो गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। बच्ची के पैर में फैक्चर आया है, जिसे रेफर किया गया है। सिविल अस्पताल फिल्लौर के डॉक्टर ने कहा- मरने वालों में रानी, सुनीता और मंजीत हैं। सभी बडियाना गांव के रहने वाले हैं। घायलों में निर्मल सिंह, अमर चंद, मुख्तयार सिंह और दो अज्ञात शामिल हैं। एक बच्चे को रेफर किया गया है और बाकियों का यहीं पर इलाज चल रहा है। ऑटो चालक बोला- रॉन्ग साइड पर आ रही गाड़ी ने मारी टक्कर घटना में जख्मी ऑटो ड्राइवर ने बताया- हम झंडे वाली पीर (दरगाह) के पास से आ रहे थे। हम अपनी साइड में थे। मगर सामने से रॉन्ग साइड पर आ रही गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। घटना के वक्त मेरी गाड़ी बिल्कुल साइड पर थी। मगर उक्त गाड़ी का ड्राइवर बेकाबू होकर उनकी तरह आया। जिससे ये हादसा हो गया। घटना में जख्मी सभी सवारियों को आसपास के लोगों की मदद से सिविल अस्पताल फिल्लौर लाया गया था। प्रत्यक्षदर्शी बोला- जख्मी को निजी गाड़ी की मदद से अस्पताल पहुंचाया हादसे के वक्त मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना के वक्त ऑटो में काफी सवारियां बैठी हुईं थी। ऑटो की टक्कर गाड़ी के साथ सामने से हुई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद राहगीरों की मदद से उक्त घायलों और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शी ने मांग कि सरकार को ऑटो की सवारियों पर एक लिमिट सेट करनी चाहिए। जिससे ऑटो ओवरलोड नहीं किए जाएं। घटना में जख्मी सभी को गंभीर चोटें आईं है। कुछ की सांसें मौके पर ही बंद हो चुकीं थी।

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