अंबिकापुर पोस्टऑफिस में एक वर्ष पूर्व 29 हजार रुपए कीमत के नकली नोट जमा करते पकड़े गए युवक को विशेष न्यायाधीश केएल चरयाणी की अदालत ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पोस्टऑफिस में संचालित अपने बचत खाते में एक लाख 2 हजार रुपए जमा करने पहुंचा था। उसके पास से 500 रुपए के 58 नकली नोट जब्त किए गए थे। जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के लुंड्रा अंतर्गत ग्राम तुरियाबिरा निवासी कपिल गिरी (46 वर्ष) 14 मई 2024 को पोस्ट ऑफिस में संचालित बचत खाते में पैसे जमा कराने पहुंचा था। उसने एक लाख 2 हजार रुपए जमा करने के लिए पर्ची भरा और पैसे काउंटर में दिए। कपिल गिरी ने 98 नोट एवं 200 रुपए के 265 नोट जमा करने के लिए दिया। 58 नोट मिले थे नकली
पोस्ट ऑफिस के कैशियर नीलमणी केरकेट्टा ने रुपए की गिनती के लिए नोट काउंटिंग मशीन में डाले तो काउंटिंग मशीन से 500-500 के 58 नोटों को अलग कर दिया। कैशियर ने मामले की जानकारी नायब पोस्ट मास्टर मनोज कुमार पांडेय को दी।
पोस्ट मास्टर ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी कपिल गिरी को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ धारा 489 ख एवं 489 ग के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी को कोर्ट से जेल भेज दिया गया था। आरोपी लगातार जेल में विरूद्ध है। हनुमान छाप सिक्का बेचने पर मिले थे रुपए
पुलिस पूछताछ में कपिल गिरी ने पुलिस को बताया था कि, उसने पुराना हनुमान छाप सिक्का झारखंड में बेचा था। वहां से उसे 500-500 के नोट मिले थे, जिनमें नकली नोट भी शामिल हैं। कपिल गिरी के पास से एक लाख दो हजार रुपए नगद, मोबाइल और पासबुक जब्त किया गया था। पुलिस हनुमान छाप सिक्का को लेकर कोई तस्दीक नहीं कर सकी। 5 वर्ष की सजा, 10 हजार अर्थदंड
विशेष न्यायाधीश (NIA) अंबिकापुर के पीठासीन अधिकारी केएल चरयाणी ने मामले की सुनवाई के बाद आज आरोपी कपिल गिरी को नकली नोट रखने का दोषी पाए जाने पर 5 वर्ष के कठोर कारावास और दोनों धाराओं में 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त 6-6 माह की सजा भुगतनी होगी।


