पंजाब के पूर्व अकाली मंत्री मजीठिया गिरफ्तार:540 करोड़ से अधिक राशि का पता चला, केजरीवाल बोले- कोई भी बख्शा नहीं जाएगा

पंजाब विजिलेंस ने बुधवार को पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी आय से अधिक संपत्ति के केस में की गई। अमृतसर से गिरफ्तार करने के बाद विजिलेंस की टीम मजीठिया को मोहाली ले गई। शुरूआती जांच में 540 करोड़ से अधिक प्रॉपर्टी का पता चला। विजिलेंस ने बिक्रम मजीठिया के घर से 29 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 3 आईपैड, 2 डेस्कटॉप, 8 डायरियां और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। विजिलेंस की टीम बुधवार सुबह SSP लखबीर सिंह की अगुआई में मजीठिया के अमृतसर में ग्रीन एवेन्यू स्थित घर पर पहुंची। इस दौरान मजीठिया की विजिलेंस टीम से भी बहस हुई। जिसके वीडियो मजीठिया ने सोशल मीडिया पर जारी किए। मजीठिया ने कहा कि सारी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। मगर, वह इससे डरने वाले नहीं हैं। मजीठिया की विधायक पत्नी गनीव कौर ने कहा कि विजिलेंस टीम ने घर में जबरन घुसकर धक्कामुक्की की। वहीं, इस मामले पर आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग सबसे पहले पंजाब में नशा लाए, वे दूसरी पार्टी में मंत्री थे और खुद तस्करों को पनाह देते थे। अब पंजाब में संदेश साफ है। चाहे जितना बड़ा नेता हो, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं आम आदमी पार्टी की ओर जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि अमृतसर में 11, तरनतारन- 4, संगरूर 3 और लुधियाना में 2 जगह पर विजिलेंस की छापेमारी की गई है। मजीठिया के खिलाफ दर्ज FIR में क्या…. करोड़ों का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन
2021 में पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। जांच में 540 करोड़ रुपए से ज्यादा के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए। FIR में मजीठिया और उनकी पत्नी गनीव कौर द्वारा अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के पर्याप्त सबूत बताए गए हैं। मंत्री बनने के बाद संपत्ति बढ़ी
2007 में जब मजीठिया विधायक बने और बाद में पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री बने, उसी दौरान उनके और उनकी पत्नी के नाम पर संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज हुई। पुलिस के अनुसार यह संपत्ति अज्ञात और गैरकानूनी स्रोतों से अर्जित की गई। FIR में यह भी कहा गया है कि एकत्र की गई सामग्री से यह साबित होता है कि ये संपत्तियां अवैध गतिविधियों से अर्जित की गई हैं और ये “अवैध संवर्धन” की श्रेणी में आती हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया और उनकी पत्नी गनीव कौर के नाम पर अचल/चल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई, जिसके लिए आय का कोई वैध स्रोत नहीं बताया गया है। 540 करोड़ के लेन-देन का ऐसे खुलासा हुआ मजीठिया मामले पर पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग पढ़ें..

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