भास्कर न्यूज | कवर्धा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को कलेक्टर गोपाल वर्मा ने समय सीमा बैठक ली। इसमें राज्य शासन की प्राथमिकता योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की प्रगति पर खास ध्यान दिया। यह अभियान भारत सरकार ने आदिवासी अंचल के समग्र विकास के लिए शुरू किया है। कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मकसद है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ शिविरों के माध्यम से मिले। इसके लिए सभी विभागों को ईमानदारी से काम करना होगा। बैठक में बताया गया कि 30 जून तक प्रस्तावित शिविरों की समय-सीमा बढ़ाकर अब 15 जुलाई कर दी गई है। अब तक जिले में 42 शिविर लग चुके हैं। शेष 275 आदिवासी बहुल गांवों में जागरूकता और संतृप्ति शिविर लगाए जाएंगे। इनमें बोड़ला के 226, पंडरिया के 41, स.लोहारा के 7 और कवर्धा ब्लॉक का 1 गांव शामिल है। योजनाओं का लाभ देने पात्रों को करेंगे चिह्नांकित: कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जनधन खाता, जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजना, पेंशन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। जिन पात्रों को अब तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हें चिह्नांकित कर लाभ दिलाया जाए। प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मिनी स्टेडियम, पुल-पुलिया, सड़क और आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।


