बूंदी| राजस्थान ग्रामीण शिक्षा सेवा नियम में राज्यसेवा में समायोजित कॉलेज शिक्षकों में से कुछ शिक्षकों के 31 दिसंबर 2008 के बाद देय सीएएस लाभ बकाया थे। कुछ शिक्षकों को पूर्व अनुदानित कॉलेजों द्वारा 31 दिसंबर 2008 के पहले के सीएएस लाभ नहीं दिए गए थे। शैक्षिक महासंघ के लंबे सांभर संघर्ष के उपरांत आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा द्वारा इन शिक्षकों के सीएएस लाभ के आदेश प्रसारित कर दिए गए। इन आदेशों के अनुसार 2008 से पूर्व बकाया 16 शिक्षकों को वरिष्ठ वेतनमान एवं 20 शिक्षकों को चयनित वेतनमान और 31 दिसंबर 2008 के बाद देय चयनित वेतनमान का लाभ 41 शिक्षकों को दिया गया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (उच्चशिक्षा) के प्रदेश महामंत्री प्रो. सुशीलकुमार बिस्सू ने बताया कि प्रकरण संगठन के संज्ञान में आते ही 2013 से ही आरवीआरईएस शिक्षकों के जायज वित्तीय हक दिलवाने के लिए प्रयासरत रहा। शैक्षिक महासंघ के दबाव के चलते उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जुलाई में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में आरवीआरईएस शिक्षकों को सीएएस लाभ देने की घोषणा की। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. दीपक शर्मा ने बताया उपमुख्यमंत्रीजी की घोषणा के बाद भी संगठन लगातार प्रयास करता रहा, जिसके नतीजन 17 दिसंबर 2024 को उच्च शिक्षा सचिव डॉ.आरुषि मलिक की अध्यक्षता में आरवीआरई एस शिक्षकों को सीएएस लाभ देने के लिए संवीक्षा समिति की समीक्षा हुई, जिसकी अनुशंसा अनुसार 24 दिसंबर को अपेक्षित आदेश जारी हुए हैं। इसी स्क्रीनिंग बैठक में पूर्व अनुदानित संस्थान द्वारा कुछ गलत सीएएस के लाभ दिए गए थे, उनकी रिव्यू बैठक भी कर 16 शिक्षकों वरिष्ठ वेतनमान और 10 शिक्षकों को चयनित वेतनमान का लाभ दिया। शैक्षिक महासंघ आरवीआरई एस शिक्षकों को सीएएस लाभ दिए जाने पर सरकार का आभार जताया।


