BHEL को अडाणी पावर से ₹6,500 करोड़ का ऑर्डर मिला:कंपनी छह थर्मल पावर यूनिट्स बनाएगी, हर एक की कैपेसिटी 800 मेगावाट होगी

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL को अडाणी पावर लिमिटेड से 6,500 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। BHEL ने शुक्रवार (27 जून) को इस बात की जानकारी दी है। इस ऑर्डर के तहत BHEL को छह थर्मल पावर यूनिट्स बनाने का काम मिला है, जिनमें से हर एक की कैपेसिटी 800 मेगावाट होगी। इस डील में BHEL स्टीम टरबाइन जनरेटर और अन्य जरूरी डिवाइस सप्लाई करेगा। इसके अलावा कंपनी इन छह थर्मल यूनिट्स की स्थापना और शुरूआत की निगरानी भी करेगी। पांच दिन में BHEL का शेयर 4% चढ़ा इस खबर से पहले आज BHEL का शेयर 0.38% की गिरावट के साथ 263.45 रुपए पर बंद हुआ। हालांकि, बीते पांच दिन में कंपनी का शेयर 4% चढ़ा है। एक महीने में 2% और छह महीने में 12% चढ़ा है। वहीं एक साल में कंपनी का शेयर 11% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 91.90 हजार करोड़ रुपए है। 283 रुपए तक जा सकता है शेयर अरिहंत कैपिटल मार्केट्स के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट मिलन वासुदेव ने निवेशकों को सलाह दी कि वे BHEL के शेयर होल्ड करें और 239 रुपए पर स्टॉप लॉस रखें। उन्होंने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में शेयर 272-283 रुपए तक जा सकता है। SMA से ऊपर ट्रेड कर रहा शेयर टेक्निकल की बात करें तो BHEL का शेयर अपने 5-दिन, 10-दिन, 20-दिन, 30-दिन, 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के सिम्पल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है। शेयर का 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 63.36 है। RSI 70 से ऊपर होने पर शेयर को ओवरबॉट और 30 से नीचे होने पर ओवरसोल्ड माना जाता है। BSE के आंकड़ों के मुताबिक, BHEL का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 179.63 और प्राइस-टू-बुक (P/B) वैल्यू 3.74 है। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) 1.47 रुपए और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 2.09% है। ट्रेंडलाइन डेटा के अनुसार, शेयर का एक साल का बीटा 1.71 है, जो इसकी ज्यादा अस्थिरता को दर्शाता है। क्या काम करती है BHEL? BHEL भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है। यह कंपनी 180 से ज्यादा प्रोडक्ट्स बनाती है और इकोनॉमी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और सर्विसिंग जैसी सर्विसेज देती है। मार्च 2025 तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 63.17% थी। यह ऑर्डर BHEL के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो कंपनी की स्थिति को और मजबूत कर सकता है।

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