जशपुर जिले में कृषि विकास को नई दिशा देने के लिए एग्री-हॉर्टी एक्सपो का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से इस दो दिवसीय कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह एक्सपो ‘कृषि क्रांति अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि विपणन, नवाचार और तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है। इससे किसान सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे और बिचौलियों से मुक्ति पा सकेंगे। सीएम ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रयासरत हैं। जशपुर में कटहल, आम, लीची, सेव और नाशपाती जैसी फसलों की अधिकता है। इस सम्मेलन में जियोमार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागिरी और अवनी आयुर्वेदा जैसी प्रमुख एग्री कंपनियां भाग ले रही हैं। किसान एफपीओ के माध्यम से इन कंपनियों से सीधे अनुबंध कर सकेंगे। गुणवत्ता के आधार पर होगा फसल चयन मुख्यमंत्री ने सॉइल हेल्थ कार्ड की महत्ता बताई। इससे मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर फसल चयन और खाद की मात्रा तय की जा सकेगी। जशपुर को डेयरी विकास योजना के लिए चुने गए 6 जिलों में शामिल किया गया है। नवाचारों को अपनाने की सराहना सांसद राधेश्याम राठिया ने जल संरक्षण पर जोर दिया। विधायक रायमुनी भगत ने नवाचारों को अपनाने की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने मिर्च, आम, नाशपाती के साथ दलहन-तिलहन की खेती बढ़ाने का सुझाव दिया। किसानों से हुए प्रत्यक्ष अनुबंध कार्यक्रम में नाबार्ड, एपीडा और राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की उपस्थिति में कृषि विपणन, जैविक प्रमाणीकरण, फसल GI टैगिंग, रेशम पालन, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों और कंपनियों के बीच कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर प्रत्यक्ष अनुबंध भी किए जा रहे हैं। सम्मेलन में जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च जैसी फसलों की किस्मवार गुणवत्ता प्रदर्शन किया जा रहा है। आम और नाशपाती के साथ नवाचार प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है, जिसके विजेता किसानों को पुरस्कृत कर भविष्य की उन्नत शील खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा।


