भास्कर न्यूज | कवर्धा प्रदेश सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर में एक दिवसीय धरना दिया। जिसके बाद डीईओ कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर हुआ। धरना में प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी विजय जांगिड़, जिला प्रभारी पदम कोठारी, जिला अध्यक्ष होरीराम साहू, पूर्व विधायक ममता चंद्राकर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा अनंत, लालजी चंद्रवंशी, नीलू चंद्रवंशी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रभान कोसले, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शितेश चंद्रवंशी मौजूद रहे। शहर कांग्रेस कार्यालय के पास सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीति रोजगार और शिक्षा विरोधी है। इससे 45000 से ज्यादा शिक्षकों के पद खत्म होंगे। 10463 स्कूल बंद कर दिए गए हैं। नए सेटअप में शिक्षकों के पद घटाए गए हैं। इससे हजारों पद समाप्त हो गए हैं। कहा कि रमन सरकार के समय भी 3300 स्कूल बंद हुए थे। 12000 शिक्षकों के पद खत्म किए गए थे। अब फिर वही दोहराया जा रहा है। वर्तमान में प्राइमरी स्कूलों में 21 छात्रों पर एक शिक्षक है। इसे बढ़ाकर 30 छात्र प्रति शिक्षक किया गया है। मिडिल स्कूलों में यह अनुपात 26 से बढ़ाकर 35 किया गया है। इससे एक तिहाई पद खत्म हो गए हैं। इसका विरोध कर रहे हैं। स्कूल बंद होने से रोजी रोटी का संकट भी बढ़ जाएगा कहा कि स्कूल बंद होने से रसोईया, स्लीपर, मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाएं और स्वसहायता समूह की सदस्यों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नई भर्ती के अवसर भी घटेंगे। शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने इतना बड़ा फैसला बिना किसी चर्चा के लिया। न शिक्षक संगठनों से बात की, न पालक संघ से, न ही छात्रों या शिक्षाविदों से। पूरे प्रदेश में इसका विरोध हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 58000 से ज्यादा पद खाली हैं। हर महीने सैकड़ों शिक्षक रिटायर हो रहे हैं, प्रमोशन रुका है। वहीं स्थानांतरण नीति नहीं बनी। वेतनमान का विवाद भी लंबित है।


