कचना ब्रिज:गलत डिजाइन पर रेलवे ने काम रोका दिसंबर तक बनेगा; हर रोज 75 हजार लोग परेशान

पीडब्ल्यूडी के अफसरों की लापरवाही के चलते 70 हजार लोगों को अगले कई महीनों तक रोजाना परेशान होना पड़ेगा। क्योंकि पीडब्ल्यूडी ने ड्राइंग डिजाइन रेलवे के मानकों के अनुरूप नहीं बनाई है। कयास लगाया जा रहा है कि अप्रैल मेंें पूरा होने वाला ओवरब्रिज अब दिसंबर के बाद ही पूरा हो पाएगा। पीडब्ल्यूडी ने रेलवे ट्रैक के पास पाइल सिस्टम से फाउंडेशन की ड्राइंग डिजाइन बनाई थी। रेलवे ने इसे खारिज कर ओपन फाउंडेशन (सीट पाइल) की ड्राइंग बनाने का निर्देश दिया है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैक के किनारे प्रोडक्शन वॉल खड़ी करनी पड़ती है। पीडब्ल्यूडी ने नई ड्राइंग 10 जून को रेलवे को भेज दिया है। रेलवे ने अभी इसे अप्रूवल नहीं दिया है। इस कारण रेलवे ट्रैक के दोनों किनारे पिलर और स्लैब का काम नहीं हो पाया है। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा धूप और बारिश में स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि हर 15 मिनट में एक बार रेलवे क्रॉसिंग बंद होती है और दोनों तरफ लंबा जाम लग रहा है। वर्तमान में यहां से रेलवे की गणना के अनुसार सप्ताह में 53 लाख 77 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। आधा दर्जन काॅलोनी के लोगों को मिलेगी राहत
ओवरब्रिज बनने से खम्हारडीह, कचना के आसपास के इलाके जैसे वीआईपी स्टेट, अशोका रतन, कचना हाउसिंग बोर्ड, पिरदा बाराडेरा, जोरा, चंडीनगर, पार्वती नगर और भावना नगर की बड़ी आबादी को सीधे फायदा मिलेगा। इसके साथ ही करीब तीन से चार वार्डों के दो से तीन लाख लोग सीधे जुड़ जाएंगे। भास्कर लाइव – क्या करें अंकल… एक घंटे पहले निकलते हैं बुधवार को दोपहर के दो बजे हैं। क्रासिंग बंद हो रही है। मालगाड़ी आ रही है। गार्ड डमरू बाग ने 10 मिनट पहले फाटक बंद कर दिया। धीरे-धीरे दोनों तरफ गाड़ियों की कतार लगने लगी। ट्रेन के आने और क्रॉस करने में कुल 15 मिनट लग गए। क्रॉसिंग के पास खड़े कक्षा 6 में पढ़ने वाले अंश ने बताया कि सुबह 8 बजे का स्कूल है। फाटक रोजाना बंद रहता है। इसके कारण घर से एक घंटे पहले निकलना पड़ता है। दसवीं कक्षा की छात्रा पूर्वा (तस्वीर में) ने बताया कि फाटक बंद हो जाता है तो दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है। रेलवे क्रॉसिंग को क्रास करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग जाता है। राहगीर राजेश कुमार पसीने से लथपथ हैं। पूछने पर बताया कि कचना की तरफ दो दर्जन से अधिक बड़ी-बड़ी कॉलोनियां बस गई हैं। 24 घंटे लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा करना चाहिए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा।

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