कोंडागांव में बच्चों ने निकाली रथयात्रा:9 दिन तक मौसी के घर पर रहेंगे भगवान जगन्नाथ; बोरगांव में सालों पुरानी परंपरा से हुई पूजा

कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के बोरगांव और जुगानी कलार में रथयात्रा का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बोरगांव में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वयं रथ का निर्माण कर भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा देवी की रथयात्रा निकाली। बोरगांव के बच्चों ने गली-मोहल्लों में भ्रमण करते हुए जय-जयकार के साथ रथयात्रा निकाली। प्रत्येक घर में भगवान जगन्नाथ की पूजा की गई और प्रसाद का वितरण किया गया। यह आयोजन पुरी की रथयात्रा से प्रेरित बोरगांव की सालों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। जुगानी कलार स्थित राधा गोविंद सेवाश्रम में सुबह से ही श्रद्धालु एकत्रित होने लगे। गुरुमां और भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना की। भजन-कीर्तन और खिचड़ी भोग का आयोजन हुआ। शाम 4 बजे भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर यात्रा निकाली गई। भक्तों ने रथ को जुंगानी कैम्प स्थित ‘मौसी के घर’ तक पहुंचाया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ 9 दिनों तक मौसी के घर विराजमान रहते हैं। इस दौरान विशेष पूजा और भजन-कीर्तन होता है। फरसगांव थाना पुलिस ने पूरे मार्ग में सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ व्यवस्था को सुचारु रूप से संभाला। कोंडागांव के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दहीकोंगा में विकास खंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रामदई नाग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जनपद पंचायत कोंडागांव की अध्यक्ष अनिता कोर्राम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। पूर्व माध्यमिक शाला दहिकोंगा, सेजस दहिकोंगा और उच्च प्राथमिक शाला पुसावण्ड के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अतिथियों ने नए प्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में बच्चों को निःशुल्क गणवेश और पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गईं। दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा के तहत ट्राइसाइकिल, वॉकर, व्हीलचेयर, एमआर किट और श्रवण यंत्र दिए गए। ‘एक वृक्ष मां के नाम’ योजना के अंतर्गत 450 बच्चों को पौधे वितरित किए गए। बोर्ड परीक्षा में 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में प्रथम-द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों का सम्मान किया गया। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रेम सिंह नाग और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष टोमेंद्र सिंह ठाकुर ने बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की सलाह दी। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान वहीं, कोंडागांव में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि थे। गोलावण्ड में आयोजित इस शिविर में 15 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। इनमें गोलावण्ड, कारसिंग, कुसमा, कचोरा, इसलनार, चमई, हंगवा, तोतर, बोरगांव, झारा, पोलंग, खंडाम, खचगांव, बालासार, मड़ानार और नगरी गांव के लोग शामिल थे। मंत्री कश्यप ने बताया कि यह अभियान जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जनजातीय ग्रामों में सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना है। शिविर में विभिन्न विभागों ने लोगों को योजनाओं का लाभ दिया। स्वास्थ्य विभाग ने 5 लोगों को आयुष्मान कार्ड और 5 को जन्म प्रमाण पत्र दिए। कृषि विभाग ने 5 किसानों को धान बीज वितरित किए। सहकारिता विभाग ने 6 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए। शिक्षा विभाग ने 6 विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र दिए। वन विभाग ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 300 ग्रामीणों को पौधे बांटे। कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री कश्यप ने ग्रामीणों को नशा मुक्त जीवन की शपथ दिलाई। पूर्व विधायक सेवकराम नेताम ने भी अभियान की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

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