जमीन कारोबारी पर आर्म्स एक्ट के 5 या अधिक मामले तो किए जाएंगे जिला बदर

राजधानी में जमीन कारोबार के नाम पर हिंसा, कब्जा, फायरिंग और हत्या जैसी घटनाओं में शामिल रहने वाले लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। जमीन विवाद में हुई पूर्व की घटनाओं से सबक लेकर पुलिस अब कारोबारियों का क्राइम बेस्ड डेटा तैयार कर रही है। वैसे जमीन कारोबारी, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, उन्हें चि​ह्नित कर लिस्टिंग की जा रही है। आर्म्स एक्ट के आरोपी जमीन कारोबारियों को तीन वर्ग में बांटा गया है। जिस जमीन कारोबारी के खिलाफ 5 या अधिक आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, उसे जिला बदर करने की तैयारी की जा रही है। वहीं जिसके खिलाफ 2 या उससे ज्यादा मामले दर्ज हैं, उससे थाना में हाजिरी लगवाने का प्लान तैयार किया गया है। इसके अलावा वैसे जमीन कारोबारी, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट का कोई मामला दर्ज नहीं है, लेकिन उनकी गतिविधि संदिग्ध है, उन पर भी पुलिस की नजर है। ग्रामीण इलाकों के 20 थाना क्षेत्रों में ऐसे 60 जमीन कारोबारियों को चिह्नित भी किया गया है। ऐसे सभी जमीन कारोबारियों का संबंधित थाने के पुलिस पदाधिकारी से भौतिक सत्यापन भी करा लिया गया है। ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के आदेश पर सभी थानेदार लगातार संबंधित इलाके में रहने वाले विवादित जमीन कारोबारियों की कुंडली खंगाल रहे हैं। उनका भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। विवादित जमीन का​रोबारियों पर कसी जाएगी नकेल ऐसे जमीन कारोबारियों पर भी पुलिस की नजर {जमीन खरीद-बिक्री करने वाले लोग, जिनकी गतिविधियों से इलाके में लगातार तनाव बना रहता है। {जो बार-बार कानून व्यवस्था भंग करने में लिप्त पाए गए हैं। {जिन पर जमीन देने के नाम पर धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप। सूची तैयार करने की पुलिस को क्यों पड़ी जरूरत… {आपराधिक रिकॉर्ड वाले जमीन कारोबारियों की पहचान करने व उन पर निगरानी रखने के लिए। {संगठित अपराध पर लगाम के लिए। {जमानत पर छूटने वाले आपराधिक किस्म के जमीन कारोबारी पर नियंत्रण के लिए। {भविष्य में हिंसा रोकने के लिए। {प्रशासनिक कार्रवाई को आसान बनाने और भू-माफिया के नेटवर्क को तोड़ने के लिए। जेल में बंद वैसे जमीन कारोबारी जिसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के 5 या उससे ज्यादा मामले दर्ज हैं, उसकी सूची भी पुलिस तैयार कर रही है। ऐसे जमीन कारोबारियों को ज्यादा से ज्यादा दिनों तक जेल से बाहर आने से रोकने के लिए पुलिस का हर संभव प्रयास होगा। जेल में बंद अपराधी प्रवृति के जमीन कारोबारियों की सूची बनाने के बाद पुलिस उनके खिलाफ सीसीए लगाने का प्रस्ताव तैयार करेगी। जेल में बंद जमीन कारोबारियों की भी तैयार की जाएगी सूची

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