सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा ने विश्रामपुर पुलिस थाने और करंजी पुलिस चौकी का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं। थाना प्रभारी निरीक्षक अलरिक लकड़ा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन सूरजपुर भेज दिया गया है। उनकी जगह निरीक्षक प्रकाश राठौर को विश्रामपुर थाने की जिम्मेदारी दी गई है। पर्यवेक्षण अधिकारी सीएसपी सुरेंद्र साय पैकरा को असंतोषजनक कार्य के कारण थाने के पर्यवेक्षण दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। इस मामले में आईजी दीपक कुमार झा के निर्देश पर एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं। निरीक्षण में सामने आईं प्रमुख खामियां साफ-सफाई और मालखाने की दुर्दशा: थाना परिसर और मालखाने में गंदगी व अव्यवस्था का माहौल था। जब्त माल को अनियमित और लापरवाही से रखा गया था। अवैध रूप से जब्त वाहन: तीन माह से एक मोटरसाइकिल बिना किसी वैध दस्तावेज या केस के थाने में पड़ी मिली, जिस पर थाना प्रभारी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके। शिकायत रजिस्टर में अनियमितता: लोकल शिकायत रजिस्टर अपूर्ण था। 2025 में सिर्फ दो शिकायतें दर्ज पाई गईं और एक से अधिक शिकायत रजिस्टर संधारित किए जा रहे थे, जिनकी वैधता पर सवाल उठे। कानूनी प्रावधानों की अनदेखी: 3 से 7 वर्ष की सजा वाले मामलों की शिकायतों को एसडीओपी को भेजने और 14 दिनों में कार्रवाई सुनिश्चित करने का नियम पूरी तरह उपेक्षित पाया गया। साइबर अपराध शिकायतों में लापरवाही: वर्ष 2025 में प्राप्त 51 साइबर फ्रॉड शिकायतों में से 40 शिकायतें लंबित थीं, और थाना प्रभारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई इन खामियों को गंभीर मानते हुए आईजी ने निरीक्षक अलरिक लकड़ा को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया। सीएसपी सुरेंद्र साय पैकरा को भी पर्यवेक्षण कार्यों से हटा दिया गया है।


