भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला में फरार डिप्टी कलेक्टर निर्भय साहू समेत राजस्व विभाग के 6 अधिकारियों को 29 जुलाई तक अदालत में पेश होने का आखिरी मौका दिया गया है। अगर तय सीमा में कोर्ट में पेश नहीं हुए तो सभी को भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा और उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
विशेष अदालत एसीबी-ईओडब्ल्यू ने शनिवार को यह आदेश जारी किया। बता दें कि इस घोटाले में रायपुर के तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार शशिकांत कुर्रे, नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी जितेंद्र साहू, बसंती घृतलहरे और लेखराम देवांगन के खिलाफ भ्रष्टाचार और जालसाजी के केस दर्ज हैं। इनके घर और अन्य ठिकानों पर ईओडब्ल्यू ने छापेमारी की थी, तब से सभी फरार हैं। इनके खिलाफ विशेष अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अब आरोपियों के निवास स्थान पर सार्वजनिक रूप से अदालत की घोषणा चस्पा की जाएगी। सार्वजनिक जगह पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे। आरोपियों को खुले तौर पर पेश होने का समय दिया जाएगा। रायपुर में पदस्थ रहे कलेक्टरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दायरे में रायपुर में पदस्थ रहे तीन आईएएस हैं। उनके समय में ही मुआवजे का प्रकरण बनाया गया और पास किया गया। उसके बाद पैसा जारी किया गया। अब तक चार की गिरफ्तारी इस घोटाले में ईओडब्ल्यू ने तहसीलदार के पति और प्रॉपर्टी डीलर हरमीत सिंह खनूजा, कारोबारी विजय जैन, किसान केदार तिवारी और पत्नी उमा तिवारी को 27 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। चाराें रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। इस मामले में राजस्व विभाग के एक भी जिम्मेदार अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनकी तलाश जारी है।


