भास्कर न्यूज | अमृतसर आषाढ़ शुक्ल पक्ष के गुप्त नवरात्र शुरू हो गए हैं। यह आम नवरात्र से अलग होते हैं। इसमें लोग व्रत न रखकर जप तप और साधना पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लोग मंदिरों में सुबह शाम जाकर देवियों की पूजा अर्चना करने पहुंचे। इन नवरात्र में प्राचीन शीतला माता मंदिर और माता लाल देवी मंदिर में भक्तों ने जाकर माता रानी को नारियल, फूल मालाएं और अन्य पूजा सामग्री भेंट की। इसी दौरान कई भक्तों ने दुर्गा स्तुति का पाठ करके परिवार की सुख शांति मांगी। शनिवार को ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और सुबह से ही माथा टेकने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर के पंडितों के अनुसार गुप्त नवरात्र में मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष पूजा की जाती है। उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ दुर्ग्याणा के शीतला माता मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए लोग खड़े दिखे। उन्होंने भक्तिभाव से मां दुर्गा का गुणगान भी किया। वहीं रानी का बाग माता लाल देवी भवन में भक्तों ने माथा टेकने के बाद माता रानी का गुणगान किया। पंडित गोल्डी शर्मा ने कहा कि गुप्त नवरात्रि में दस महा विद्याओं की साधना की जाती है।


