हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनियुक्त प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार की नियुक्ति व सेवामुक्ति के लिए विधि विधान बनाने हेतू एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी द्वारा गठित की गई 34 सदस्यीय कमेटी को अनैतिक व गैर संवैधानिक करार दिया है। रविवार को सचखंड श्री हरमंदर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे झींडा ने कहा कि हरियाणा कमेटी एसजीपीसी अध्यक्ष धामी द्वारा गठित उक्त कमेटी अस्वीकार एवं सिरे से खारिज करती है। उन्होंने कहा कि एचएसजीपीसी इसे मान्यता नहीं देती है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के अधीन आते समस्त गुरुद्वारा साहिब के प्रमुख धार्मिक नेताओं का लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होना चाहिए। जत्थेदारों की नियुक्ति के संबंध में उक्त धार्मिक नेताओं के सुझावों को ध्यान में रखा जाना चाहिए, न कि एसजीपीसी के पक्ष वाले कुछ चुनिंदा धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के विचारों को। उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी द्वारा हरियाणा के समस्त गुरुद्वारों में होने वाली सभी अनैतिक परम्पराओं को बंद कर दिया है। हरेक को सिरोपा भेंट करने पर पाबंदी लगा दी गई है। बिना किसी आवश्यकता के पानी की बोतलों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इनमें से कोई भी प्रथा हरियाणा के गुरुद्वारों में जारी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं जयंती श्रद्धा से मनाई जाएगी। झींडा ने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए शिष्टमंडल जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए केंद्र सरकार से अपील की जाएगी। क्योंकि उक्त बंदी सिख पहले ही अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए एचएसजीपीसी वह सभी प्रयास करेगी, जो अभी तक एसजीपीसी ने नहीं किए हैं। शाहबाद मारकंडा मेडिकल कॉलेज के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि 2022 के संशोधन के अनुसार, शिरोमणि कमेटी की लगभग सभी संपत्ति अब हरियाणा कमेटी के अधीन आ जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो हम सुप्रीम कोर्ट से मदद मांगेंगे।


