राज्य से बाहर रह रहे हैं तो फॉर्म भरें, नहीं तो मतदाता सूची से कट जाएगा नाम

राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरना अनिवार्य है। ईसीआई नेट के बेवसाइट से गणना फॉर्म डाउनलोड करना होगा। फॉर्म को भरने और हस्ताक्षर करने के बाद दस्तावेज अपलोड करना होगा। इसके बाद मतदाता सूची में नाम अपडेट होगा। फॉर्म नहीं भरने पर मतदाता सूची से नाम हटेगा। राज्य के सभी 7.89 करोड मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरना अनिवार्य है। इसमें नाम, इपिक नंबर, पता, क्रमांक संख्या, भाग संख्या, विधानसभा या लोकसभा का नाम, राज्य लिखना है। इसके साथ रंगीन पासपोर्ट आकार का फोटो, जन्म प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण आदि देना होगा। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी डीएम को संबंधित मतदाताओं को सहुलियत से कानून के अनुरूप जन्म प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने सभी विकास मित्रों को डॉ. अम्बेडकर समग्र सेवा अभियान के तहत सभी अनुसूचित जाति टोला में संबंधित प्रमाण पत्र बनवाने का निर्देश दिया है। पटना जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी पंचायत सचिव सह जन्म मृत्यु रजस्टार को ससमय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 2003 की सूची में नाम नहीं तो क्या… यदि किसी व्यक्ति का नाम 2003 की बिहार की मतदाता सूची में नहीं है। लेकिन, उनके माता या पिता का नाम है, तो ऐसे मामलों में माता-पिता से संबंधित अन्य कोई दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। जरूरी क्यों… भारत निर्वाचन आयोग पिछले 75 वर्षों से पुनरीक्षण करते आ रहा है। कभी वार्षिक, कभी संक्षिप्त तो कभी गहन पुनरीक्षण किया जाता है। इस बार विशेष गहन पुनरीक्षण हो रहा है। इसमें मृत्यु, स्थानांतरण (रोजगार, शिक्षा, विवाह आदि कारणों से), नए वोटरों की जानकारी अपडेट होगी। माता-पिता से जुड़ा दस्तावेज नहीं देना होगा बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा कि वर्ष 2003 में गहन मतदाता पुनरीक्षण हुआ था। इस दौरान मतदाताओं की संख्या 4.49 करोड़ थी। इन मतदाताओं को दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। सिर्फ सत्यापन के लिए गणना प्रपत्र भरना है। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के इन मतदाताओं की सूची अपनी वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर अपलोड कर दी है। कोई भी व्यक्ति इसे डाउनलोड कर गणना प्रपत्र के साथ दस्तावेज़ प्रमाण के रूप में देंगे। अब कुल मतदाताओं 60 प्रतिशत यानी 4.96 करोड़ लोगों को कोई दस्तावेज़ नहीं देना है। सिर्फ 2003 की मतदाता सूची में अपने विवरण का सत्यापन कर गणना प्रपत्र भरकर जमा करना है। वो सब जो आपको जानना जरूरी है मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान }वेबसाइट से गणना फॉर्म डाउन लोड करें, राज्य के सभी 7.89 करोड मतदाताओं के लिए यह अनिवार्य 15 प्रश्न : गणना प्रपत्र कहां से प्राप्त करें? बीएलओ आपके घर जाकर देंगे। ईसीआई नेट एप से अपलोड करने की सुविधा है। प्रश्न : प्रपत्र क्या भरना जरूरी है? उत्तर : सबको गणना प्रपत्र भरना अनिवार्य है। अगर आपका नाम मतदाता सूची में है तो आपके नाम का सत्यापन हो जाएगा। प्रश्न : गणना प्रपत्र किसे उपलब्ध कराना है? बीएलओ या ऑन लाइन के माध्यम से अपलोड करनी है। प्रश्न : कौन-कौन सूचना देनी है? उत्तर : इसमें नाम, रंगीन पासपोर्ट आकार का फोटो, ईपीक संख्या, फोटो, जन्म तिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), मोबाइल नंबर, पिता या कानूनी अभिभावक, माता, जीवनसाथी का नाम(यदि ईपीक नंबर हो) देना है। प्रश्न : दस्तावेज में क्या देना होगा? केंद्र, राज्य, पीएसयू के नियमित कर्मचारी का पहचान पत्र और पेंशन भोगी का पीपीओ, 1 जुलाई 1987 के पूर्व का निर्गत बैंक, डाकघर, एलआईसी आदि का प्रमाण, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक सर्टिफिकेट, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, पारिवारिक रजिस्टर, सरकार की कोई भूमि, मकान का आवंटन प्रमाण पत्र आदि। प्रश्न : बीएलओ की जानकारी कैसे मिलेगी? ईसीआई नेट एप और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी https://ceoelection.bihar.gov.in के माध्यम से बीएलओ, ईआरओ, जिला निर्वाचन पदाधिकारी का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते हैं। प्रश्न : गणना प्रपत्र जमा नहीं करने पर क्या होगा? गणना प्रपत्र जमा नहीं करने पर मतदाता सूची के प्रारूप में आपका नाम प्रकाशित नहीं होगा। नए सीरे से नाम जोड़वाने के लिए आपको आवेदन फॉर्म – 6 भरना होगा। प्रश्न : इन दस्तावेजों की मान्यता है? नहीं। आधार कार्ड, पैन, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राईविंग लाइन आदि दस्तावेज के सूची में शामिल नहीं है। प्रश्न :मेरे पास ईपीक कार्ड तो प्रपत्र क्यों भरें? उत्तर : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में आपका नाम मतदाता सूची में है। सत्यापित करने के लिए गणना प्रपत्र के साथ दस्तावेज उपलब्ध कराना है। तभी प्रारूप प्रकाशन में नाम शामिल होगा। अन्यथा नाम काट दिया जाएगा। प्रश्न : मेरा जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 के पहले हुआ है तो किस दस्तावेज जमा करें? उत्तर : ऐसे लोगो को गणना प्रपत्र के साथ जन्म प्रमाण पत्र जमा करना है। प्रश्न : मेरा जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 के बाद और 2 दिसंबर 2004 के बीच होने पर किस दस्तावेज को देना है? उत्तर : ऐसे लोगो को गणना प्रपत्र के साथ अपना और माता-पिता में किसी एक दस्तावेज देना होगा। प्रश्न : मेरा जन्म 2004 के बाद हुआ है तो क्या दस्तावेज देना होगा? उत्तर : ऐसे लोगों को गणना प्रपत्र के साथ अपना और अपने माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना है। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं है तो अपने माता-पिता का वैध पासपोर्ट और वीजा देना होगा। प्रश्न : मेरा जन्म भारत के बाहर हुआ था तो क्या दस्तावेज देना होगा? उत्तर : गणना प्रपत्र के साथ विदेश में भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज देना होगा। प्रश्न : मुझे भारतीय नागरिकता प्राप्त है तो क्या दस्तावेज देना होगा? उत्तर : गणना प्रपत्र के साथ नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र देना होगा। बिहार

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