धार सहित कई इलाकों में हिमालय की बर्फबारी का असर:रात का तापमान बढ़ा, नए सिस्टम के कारण बारिश की संभावना

धार सहित कई इलाकों में गुरुवार सुबह सर्द हवाएं चलते के साथ हल्की धूप खिली हुई है। वहीं, मंगलवार रात से घने कोहरे की भी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, ऐसा हिमालय की बर्फबारी के चलते हो रहा है। घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी भी दो से चार किलोमीटर की रह गई है। वहीं गुरुवार सुबह के समय फोरलेन पर वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालक धीमी रफ्तार से हेडलाइट के सहारे सफर करते हुए दिख रहे है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोग दिन और रात दोनों समय की बढ़ती सर्दी महसूस कर रहे हैं। वहीं, रात के तापमान में पांच डिग्री तक बढ़ोतरी और दिन में गिरावट देखी जा रही है। साथ ही आगामी दिनों में बारिश की भी संभावना बनी हुई है। बुधवार को रात न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले से डेढ़ डिग्री बढ़ चुका है। हिमालय में रही बर्फबारी ने बढ़ाई सर्दी मौसम विभाग के मुताबिक, हिमालय में हो रही बर्फबारी का असर धार सहित ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। इससे रात के साथ दिन में भी सर्द हवाएं चल रही है। इसके चलते दिन और रात के तापमान से 10 डिग्री का अंतर बना हुआ है। कल से बारिश होने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने के चलते मौसम में बदलाव देखा जा रहा हैं। वहीं, 27 दिसंबर, शुक्रवार से बारिश को लेकर भी विभाग ने अलर्ट जारी किया हैं। इस दौरान प्रदेश के 40 जिलों में बारिश होने का अनुमान है, जिसमें धार भी शामिल है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्टीम हवाएं बह रही हैं, पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ी थी। पहले ही तोड़ चुकी सर्दी रिकॉर्ड इस साल दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में ही कड़ाके की सर्दी पड़ना शुरू हो गई थी। जो अमूमन दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में पड़ी थी। बता दें कि नवंबर में भी सर्दी अपना रिकाॅर्ड तोड़ चुकी है। इस साल की सबसे ठंडी रात 10 दिसंबर की रही हैं, तब न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री पहुंच चुका था। हालांकि इसके बाद तापमान लगातार बढ़ा है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से बढ़ने से फसलों को खतरा डॉ. जीएस गठिये के अनुसार, ठंड के दिनों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहता हैं, तो फसलों को दिक्कत नहीं होती है, लेकिन न्यूनतम तापमान इससे आगे बढ़ने फसलों पर रस चूसक कीट लगने का खतरा बढ़ सकता है। पिछले 3 दिनों का तापमान

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