भास्कर न्यूज | सुकमा सुकमा वनमंडल में हुए तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में चल रही ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में ईओडब्ल्यू ने 11 वनकर्मी और प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। इससे पहले डीएफओ को जेल भेजा जा चुका है। पूरे घोटाले में 11 लोग ही गुनहगार नहीं है। इसके पीछे वन विभाग के आला अफसर भी जिम्मेदार हैं। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई मुख्य आरोपी और षड्यंत्रकर्ताओं को बचाने के लिए की जा रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि वन विभाग में वनमंत्री के संरक्षण के बिना इतने बड़े घोटाले को अंजाम दिया जाना संभव ही नहीं है। तेंदूपत्ता बोनस घोटाले की शिकायत उन्होंने की थी, बावजूद ईओडब्ल्यू की टीम ने मेरे घर पर ही रेड की। कुंजाम ने कहा कि 8 जनवरी को उन्होंने कलेक्टर से मामले की शिकायत की, जिसके बाद कुछ प्रबंधक डीएफओ के पास पहुंचकर कमीशन में दी गई राशि को वापस मांगी। इससे नाराज होकर डीएफओ ने प्रबंधक को दुत्कार कर भगा दिया।


