कोंडागांव में सोमवार (30 जून) को शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं सड़कों पर उतर आए। जिले के सभी पांच विकासखंडों – कोंडागांव, फरसगांव, केशकाल, बड़ेराजपुर और माकड़ी में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन हुआ। शिक्षकों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में 2008 का सेटअप फिर से लागू करना शामिल है। इसके अलावा पदोन्नति, क्रमोन्नति और पूर्व सेवा की गणना कर पूर्ण पेंशन का लाभ देने की मांग की गई। दो वर्ष से कम सेवा शेष रखने वाले शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण से मुक्त करने की मांग भी रखी गई। स्वास्थ्य सुविधा वाले क्षेत्रों में स्थानांतरण की मांग शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान युक्तियुक्तकरण नीति में कई विसंगतियां हैं। इससे शिक्षक और छात्रों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने पति-पत्नी शिक्षक दंपति को एक ही स्थान पर पदस्थ करने की मांग की। कैंसर, हार्ट सर्जरी व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को स्वास्थ्य सुविधा वाले नगरीय क्षेत्रों में स्थानांतरण की मांग भी की गई। टीचर के प्रदर्शन से पढ़ाई रुकी शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। धरना प्रदर्शन के कारण सोमवार को विकासखंडों के सभी शासकीय स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह से बंद रहा।


