माना केन्द्री के पास मंगलवार तड़के सुबह 4.30 बजे ओवरटेक करते समय यात्रियों से भरी बस हाइवा से टकरा गई। बस में 20 से ज्यादा यात्री सवार थे। सभी गहरी नींद में सो रहे थे। बस का लेफ्ट हिस्सा हाइवा से टकराते हुए आगे बढ़ा। ऐसे में इसी तरफ सो रहे 12 यात्री दूर जा गिरे। घटना में महिला डॉक्टर समेत तीन की मौके पर मौत हो गई। वहीं 6 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन यात्री को मामूली चोट आई है। उन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद चीख पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने बताया कि रायल ट्रेवल की स्लीपर बस सीजी 04 ई 4060 सोमवार रात जगदलपुर से सवारी लेकर रायपुर के लिए रवाना हुई थी। बस धमतरी निवासी मोहम्मद इब्राहिम चला रहा था। बस सुबह 4.30 बजे केन्द्री के पास पहुंची। बस के आगे मुरुम से लोड हाइवा चल रहा था। बस कुछ दूर हाइवा के पीछे चला, फिर ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान बस हाइवा से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का लेफ्ट हिस्सा पूरी तरह से टूटकर बिखर गया। हादसे में बस ड्राइवर को खरोच तक नहीं आई। वहीं राइट साइड पर बैठे लोग भी बाल-बाल बच गए। डॉक्टर पति से मिलकर आ रही महिला डॉक्टर की मौत डॉक्टर डे के दिन महिला डॉक्टर बरखा ठाकुर (31) की मौत हो गई। बरखा मेडिकल कॉलेज रायपुर में पदस्थ थी। वह वीकेंड में पति डॉ. बीजेंद्र ध्रुव से मिलने बस्तर गई थी और सोमवार रात की बस से वापस रायपुर लौट रही थी। बरखा मूलत: तुमगांव महासमुंद की रहने वाली है। इसके अलावा कोंडागांव निवासी अजहर अली (30) और जगदलपुर निवासी बलराम पटेल (46) की मौत हुई है। दोनांे निजी काम से रायपुर आ रहे थे। तीनों मृतक गहरी नींद में सो रहे थे। एक्सपर्ट… खाली सड़क में ओवर स्पीड से हुई मौत रायपुर से अभनपुर के बीच सड़क बहुत चौड़ी है। सुबह 4.30 बजे की है। इस समय सड़कों पर आवाजाही कम होती है। ऐसे में बस की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। ड्राइवर ओवरटेक करते समय अंदाजा नहीं लगा पाया कि कितनी दूरी से गाड़ी को आगे बढ़ाना है। सुबह का समय था। संभवत: ड्राइवर को झपकी भी आई होगी। हाइवा अपनी जगह पर सही रफ्तार से चल रहा था। बस आकर हाइवा में घुसी और एक हिस्सा रगड़ाते हुए आगे निकल गया। इससे बस सवार लोगों की जान गई है। हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ है।- संजय शर्मा, एआईजी ट्रैफिक इनकी हालत गंभीर : हादसे में जगदलपुर निवासी धनीराम सेठिया (30), सुमन देवी (60), संध्या कुमार (30), कोंडागांव के तीजन यादव (23), बलौदाबाजार के भूषण निषाद (21) और कोरबा के गणेश्वर प्रसाद बर्मन (49) को गंभीर चोट आई है। इनका इलाज चल रहा है। घायलों का कहना है कि हादसे के वक्त अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। ओवरटेक करते हुए एक साल में 46 हादसे, 50 की मौत, 398 घायल केन्द्री के पास जो सड़क हादसा हुआ, उसकी वजह ओवरटेक थी। ओवरटेक करते हुए बस हाइवा से जा टकराई। पिछले एक साल में ओवरटेक के मामले में 46 हादसे हुए हैं। इसमें 50 लोगों की जान गई है, जबकि 398 लोग घायल हुए है। इसी तरह पीछे से टक्कर मारने की 124 घटनाएं हुई हैं। इसमें 137 की जान गई है जबकि 405 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। ज्यादातर हादसे बड़ी गाड़ियों से हुई। वहीं रायपुर में हाईस्पीड से 530 हादसे हुए हैं। इसमें 556 लोगों की जान गई और 1215 लोग घायल हुए हैं। सर्वे में सीधी सड़क का जिक्र पुलिस ने सड़क और मौसम को लेकर भी सर्वे किया है। धूप और साफ मौसम में 491 हादसों में 519 लोगों की जान गई है। जबकि 1235 लोग घायल हुए है। बारिश के दौरान 75 हादसे में 75 की मौत हुई है। 248 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खुले इलाके में 476 लोग हादसे के शिकार हुए हैं। 68 लोगों की जान गई है। ग्रामीण इलाके में हादसे ज्यादा शहर के मुकाबले आउटर और ग्रामीण इलाकों में हादसे ज्यादा हो रहे हैं। शहर के भीतर जहां 1055 हादसों में 151 लोगांे की जान गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में 1024 हादसों में 443 लोगांे की जान गई है। शहर और गांव के भीतर की सड़कों पर 1060 हादसों में 278 लोगों की जान गई है।


